भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर जारी तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है. दोनों देशों की सेनाएं बॉर्डर पर तैनात हैं और एक-दूसरे के सामने हैं. भारत और चीन सीमा पर चल रहें तनाव के बीच सोमवार को दोनों देशों एक बार फिर सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत की मेज पर आमने-सामने होंगे. भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर 5 महीने से चल रही तनातनी खत्म करने के लिए आज कोर कमांडर्स एक बार फिर मिलने जा रहे हैं. दोनों देशों के कोर कमांडर्स के बीच ये सातवीं बैठक है. मोल्डो में होने वाली इस वार्ता में सेना के साथ ही एक बार फिर राजनयिक प्रतिनिधि भी मौजूद होंगे.
सोमवार दोपहर 12 बजे के करीब ईस्टर्न इलाके के चुशूल इलाके में दोनों सेनाओं के बीच ये बातचीत होगी. मई में शुरू हुए तनाव के बाद जून में जाकर ये बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ था, इस बीच कई बार सैनिकों को पीछे हटाने पर मंथन हुआ लेकिन चीन हर बार अपनी बात से पीछे हट गया. इस साल अप्रैल-मई से ही दोनों देशों की लगभग 50,000 सैनिक इस क्षेत्र में आमने-सामने डटे हुए हैं.
जानकारी के मुताबिक, भारत की तरफ से इस मीटिंग में लेह स्थित 14वीं कोर (‘फायर एंड फ्यूरी’) के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह की ये आखिरी मीटिंग होगी. 14 अक्टूबर से उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन ले रहे हैं. इस बैठक में विदेश मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी (ईस्ट एशिया) नवीन श्रीवास्तव भी शामिल होंगे. साथ ही चीन की ओर से भी सैन्य अधिकारी के अलावा विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं.
इस बातचीत में भारत की ओर से मुद्दा रखा गया है कि पूरे ईस्टर्न लद्दाख के इलाके को लेकर बात होनी चाहिए. जहां चीन की सेना के जवान तैनात हैं और इन्हें पीछे हटाया जाना चाहिए. लेकिन चीन की ओर से सिर्फ पैंगोंग लेक को लेकर बात करने की बात कही जा रही है.
इससे पहले दोनों देशों के बीच मोल्डो में चीनी क्षेत्र में 21 सितंबर को छठे दौर की कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी. यह बैठक लगभग 14 घंटे तक चली थी. इसमें विदेश मंत्रालय के अफसर भी शामिल हुए थे. बैठक में तनाव कम करने के तरीकों पर चर्चा की गई.