AAP ने कथित चावल घोटाले को लेकर मंगलवार को दिल्ली सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज करते हुए विधानसभा परिसर में प्रतीकात्मक ‘चावल की दुकान’ लगाई और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को पद से हटाने की मांग की।
AAP दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि श्री सिरसा के विभाग ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) से असम की एक निगम को सब्सिडी वाला चावल उपलब्ध कराने की सिफारिश की थी, जिसे दिल्ली में गरीबों और प्रवासी श्रमिकों के बीच वितरित किया जाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय चावल हरियाणा की एक निजी कंपनी को बेच दिया गया और इससे करोड़ों रुपये का अवैध कमीशन अर्जित किया गया।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली के गरीबों के लिए निर्धारित चावल लाभार्थियों को वितरित करने के बजाय खुले बाजार में भेज दिया गया। इन आरोपों को लेकर AAP और भाजपा सरकार के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है और विपक्ष सरकार से पूरे मामले पर जवाब मांग रहा है।
‘चावल की दुकान’ प्रदर्शन में शामिल AAP विधायक संजीव झा ने आरोप लगाया कि सब्सिडी वाले चावल की खरीद और वितरण व्यवस्था में करीब 22,000 करोड़ रुपये का संभावित घोटाला हो सकता है। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए निर्धारित चावल को लेकर सवाल उठ रहे हैं और दिल्ली सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
झा ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के लिए निर्धारित सब्सिडी को निजी लाभ और कमीशन का जरिया बनाने का कोई भी प्रयास गंभीर मामला है, जो गरीबों के अधिकार और सार्वजनिक धन से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर सप्ताह FCI से करीब 31,000 मीट्रिक टन चावल लिया जा रहा है और उसे हरियाणा के खुले बाजार में बेचा जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि कथित अनियमितताओं की राशि करीब 500 करोड़ रुपये प्रति सप्ताह है और श्री सिरसा के नेतृत्व वाला विभाग 22,000 करोड़ रुपये का घोटाला करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि FCI का चावल भाजपा सरकार द्वारा खुले बाजार में बेचा गया।
झा ने कहा कि विपक्ष विधानसभा के भीतर और बाहर इस मुद्दे को तब तक उठाता रहेगा, जब तक सरकार पूरे मामले पर जवाब नहीं देती। उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले दो दिनों में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बजाय सरकार की प्रशंसा में सदन का महत्वपूर्ण समय बर्बाद किया गया।
उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले AAP ने स्वास्थ्य घोटाले और उसके बाद साइकिल घोटाले का मुद्दा उठाया था और अब चावल घोटाले का मामला उठाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि मामले पर विधानसभा में चर्चा हो, ताकि लोगों को पता चल सके कि गरीबों और प्रवासी श्रमिकों के लिए निर्धारित अनाज का कथित तौर पर क्या हुआ।
AAP ने सब्सिडी वाले चावल के कथित डायवर्जन को केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और गरीब लाभार्थियों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया है। पार्टी ने जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।