उत्तर प्रदेश के एटा में पुलिसकर्मियों द्वारा एक वकील को घर से खींचकर उसकी की निर्मम पिटाई किये जाने का वीडियो वायरल हुआ है, जिसे बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने ‘खुल्लमखुल्ला गुंडागर्दी’ करार देते हुए इसकी शिकायत भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से करने का निर्णय लिया है।
BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की ओर से शनिवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार, एटा में कुछ दिन पहले पुलिसकर्मियों द्वारा एक वकील को उसके घर से खींचकर उसकी निर्मम पिटाई की घटना खुल्लमखुल्ला गुंडागर्दी है और कानून-व्यवस्था के रक्षकों से ऐसी अपेक्षा कतई नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पश्चिम बंगाल और बिहार में घटित हुई थीं। इस तरह की पुलिसिया कार्रवाई किसी खतरनाक अपराधी के साथ भी नहीं की जाती।
श्री मिश्रा ने कहा, “BCI ने CJI और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को इस मामले में हस्तक्षेप का आग्रह करने का निर्णय लिया है, ताकि दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान करके उन्हें तत्काल निलंबित करने, तबादला करने और उन्हें सेवा से मुअत्तल करने का निर्देश उत्तर प्रदेश सरकार को दिया जा सके। वीडियो क्लिप बर्बर कार्रवाई की स्वत: गवाही देती है।”
BCI अध्यक्ष ने कहा कि यदि न्यायपालिका और सरकार वकीलों या आम आदमी पर भी इस तरह की कार्रवाइयों को नजरंदाज करेगी तो देश के वकीलों के पास सड़क पर उतरने के अलावा कोई चारा नहीं होगा।
बीसीआई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस बाबत पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग का निर्णय लिया है।
काउंसिल की बैठक के दौरान अदालतों में वर्चुअल सुनवाई को स्थायित्व प्रदान किये जाने के फैसले के विरोध का प्रस्ताव भी पारित किया गया। काउंसिल का कहना है कि इस तरह का प्रस्ताव न्यायिक प्रक्रिया को बड़े लॉ फर्म की जेब में डालने का प्रयास है।