Bihar के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य को शिक्षा, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों का केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Bhagalpur में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने यह घोषणा भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड स्थित नवस्थापित सरकारी डिग्री कॉलेज परिसर से राज्य के 211 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ करते हुए की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल तकनीकों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए सरकार ने भागलपुर में एआई और कंप्यूटर साइंस पर केंद्रित एक विशेष विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा बिहार की समृद्धि की सबसे मजबूत नींव बनेगी और राज्य को ज्ञान एवं नवाचार का केंद्र बनाएगी।
उन्होंने बताया कि सरकार मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय स्थापित करने के अपने संकल्प पर भी आगे बढ़ रही है। साथ ही राज्य में चार नए निजी विश्वविद्यालयों को भी मंजूरी दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने 211 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे छात्रों को अपने ही प्रखंड या आसपास गुणवत्तापूर्ण स्नातक शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय के लिए लगभग 220 एकड़ भूमि हस्तांतरित की जा चुकी है और सरकार का लक्ष्य अगले एक वर्ष के भीतर आधुनिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना करना है।
बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त विक्रमशिला पुल को 30 नवंबर तक पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा। इसके अलावा भागलपुर में करीब 400 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन में कमी आएगी।
उन्होंने राज्य से बाहर कार्यरत बिहारवासियों से वापस लौटकर उद्योग लगाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उन्हें भूमि, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1.81 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में वित्तीय सहायता भेजी जा चुकी है, जबकि शेष पात्र लाभार्थियों को 25 जुलाई तक राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
उन्होंने भागलपुर क्षेत्र के लिए कई अन्य परियोजनाओं की भी घोषणा की। इनमें मुंगेर से भागलपुर तक 83 किलोमीटर लंबा गंगा मरीन ड्राइव, जिसे आगे सबौर से राजमहल सीमा तक बढ़ाया जाएगा, कहलगांव के बटेश्वर धाम तक रोपवे निर्माण तथा भागलपुर क्षेत्र में दो नए हवाई अड्डों, जिनमें सुल्तानगंज का प्रस्तावित हवाई अड्डा भी शामिल है, का विकास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीरपैंती में 2,400 मेगावाट क्षमता का ताप विद्युत संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जबकि अतिरिक्त 1,600 मेगावाट क्षमता भी विकसित की जाएगी। इस परियोजना में लगभग 70,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
कानून-व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ जाति और समुदाय से ऊपर उठकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और साइबर अपराध पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि 15 अगस्त से सरकारी डॉक्टर बिना उचित कारण मरीजों को निजी अस्पतालों के लिए रेफर नहीं कर सकेंगे। अनावश्यक रेफरल करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।