भारतीय जनता पार्टी नेता एवं वकील अजय अग्रवाल एक बार फिर Supreme Court पहुंचे हैं। उन्होंने RT-PCR की जांच के नाम पर कई गुना अधिक ली गयी राशि वापस लेने की मांग की है।
इससे पहले उन्होंने देश में आरटी-पीसीआर की एक समान दर लागू करने और इसे 400 रुपये करने की मांग की थी। अजय अग्रवाल ने एक हस्तक्षेप याचिका दायर करके यह मांग की गयी है कि कोरोना की जांच की पुरानी दर से वसूली गयी राशि संबंधित व्यक्तियों को वापस करने का प्रयोगशालाओं को निर्देश दिया जाये।
उन्होंने ओडिशा सरकार द्वारा 400 रुपये की जांच दर निर्धारित करने के लिए उसकी तर्कों का उल्लेख करते हुए कहा कि दो सौ रुपये से कम कीमत की किट के लिए कई-कई गुना पैसा वसूला जाना अनुचित है। जिन लोगों से पुरानी दर पर राशि वसूली जा चुकी है, उनके पैसे वापस किये जाने का आदेश दिया जाना चाहिए।
अजय अग्रवाल ने एक याचिका दायर करके आरटी-पीसीआर जांच की दर देश भर में एक समान (400 रुपये) करने का न्यायालय से अनुरोध किया है, जिस पर गत 24 नवम्बर को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) शरद अरविंद बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किये थे। जिसके जवाब के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था। उस याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई होनी है।
इस बीच अजय अग्रवाल ने वसूले गये अधिक पैसे वापस करने के लिए हस्तक्षेप याचिका दायर की है।