आमेर का किला है घूमने के लिए अच्छी जगह, लाइट एंड साउंड शो करता है पर्यटकों को आकर्षित

पर्यटन
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जयपुर से करीब 11 किलोमीटर की दूरी पर अरावली पहाड़ी की चोटी पर स्थित आमेर का किला राजस्थान के महत्वपूर्ण एवं सबसे विशाल किलों में से एक है। यह किला अपनी अनूठी वास्तुशैली और शानदार संरचना के लिए मशहूर है। यह राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से भी एक है। इसकी आर्कषक डिजाइन और भव्यता को देखते हुए इस किले को विश्व विरासत की लिस्ट में शामिल किया गया है। राजस्थान के प्रमुख आर्कषणों में से एक आमेर के किले का निर्माण राजा मान सिंह द्वारा किया गया था। हिंदू-राजपूताना वास्तुशैली से बना यह अनूठा किला समृद्ध इतिहास एवं भव्य स्थापत्य कला का नायाब नमूना है। इसके विशाल प्राचीर, गेट्स और सिलबट्टे रास्तों के संग्रह के साथ फोर्ट मावठा झील को दिखाता है, जो आमेर पैलेस के लिए पानी का प्रमुख स्रोत है।

आमेर के प्रमुख आकर्षण
लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से निर्मित आकर्षक व शानदार जगह 4 स्तरों पर रखी गई है, प्रत्येक में एक आंगन है। इसमें दीवान-ए-आम, दीवान-ए-ख़ास, शीश महल, जय मंदिर और सुख निवास भी शामिल हैं।

महल का एक और आकर्षण चमत्कारिक फूल भी है, जो एक मार्बल का बना हुआ है और जिसे सातअद्भुत आकारों में बनाया गया है। मार्बल द्वारा बनी हुई यह आकृति सभी का दिल मोह लेती है।

महल का एक और आकर्षण प्रवेश द्वारा गणेश गेट है, जिसे प्राचीन समय की कलाकृतियों और आकृतियों से सजाया गया है। जयगढ़ किले और आमेर किले के बीच एक-दो किलोमीटर का गुप्त मार्ग भी बना हुआ है। पर्यटक इस रास्ते से होकर एक किले से दूसरे में जा सकते हैं।

राजस्थान के इस सबसे विशाल किले में रोजाना शाम को लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाता है। यह शो पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ खींचता है। वहीं यह शो आमेर के किले के खूबसूरत इतिहास एवं साहसी राजाओं के बारे में बताया जाता है। यह शो करीब 50 मिनट तक चलता है।

आमेर फोर्ट में हाथी की सवारी
आमेर फोर्ट की यात्रा का आनंद लेने के लिए, वॉक-वे या हाथी की सवारी सबसे अधिक प्रभावी है। एक हाथी की सवारी करना पर्यटकों के लिए एक रोमांच प्रतीत होता है। हाथी की सवारी गुलाबी शहर का एक क्षितिज दृश्य और मावठा झील पर एक अद्भुत दृश्य पेश करती है। आप सहायता के लिए एक गाइड चुन सकते हैं, या एक ऑडियो अवलोकन भी एक अच्छा विकल्प है जो किले के दरवाजे पर आसानी से उपलब्ध है। अपनी यात्रा को और अधिक आश्चर्यजनक और उल्लेखनीय बनाते हुए हाथी सफारी सबसे अच्छी होगी और यह एक शाही एहसास भी प्रदान करती है।

आमेर किले के आस-पास के आकर्षण
अनोखी संग्रहालय
जंतर मंतर
जयगढ़ का किला
नाहरगढ़ का किला
हवा महल
पगड़ी संग्रहालय

आमेर किले का प्रवेश समय
किला जयपुर शहर से 11 किमी दूर स्थित है। किले को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक के लिए खोला जाता है। हाथी की सवारी सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक उपलब्ध है। हिंदी में लाइट शो शाम 8 बजे से शुरू होता है और अंग्रेजी लाइट शो शाम 7:30 बजे से शुरू होता है।

आमेर के विशाल किले को देखने कैसे पहुंचे
राजस्थान का यह विशाल दुर्ग जयपुर से करीब 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं इस किले को देखने के लिए सबसे पहले पर्यटकों को पिंक सिटी जयपुर पहुंचना होगा। सड़क, रेल और वायु तीनों मार्गों से जयपुर देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। अगर पर्यटक फ्लाइट के माध्यम से जयपुर पहुंच रहे हैं, तो बता दें कि एयरपोर्ट से आमेर के इस विशाल दुर्ग की दूर करीब 27 किलोमीटर है, जहां पर टैक्सी, कैब आदि की मदद से पहुंचा जा सकता है।

अगर पर्यटक ट्रेन के माध्यम से आमेर का किला देखने जा रहे हैं तो बता दें कि उन्हें पहले जयपुर रेलवे स्टेशन पर उतरना होगा और रेलवे स्टेशन से इस विशाल दुर्ग तक कैब, टैक्सी या फिर बस की सहायता से आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा अगर सैलानी, बस के माध्यम से भी आसानी से आमेर के किले को देखने जा सकते हैं।

देश के सभी प्रमुख शहरों से जयपुर से अच्छी बस सुविधा उपलब्ध हैं। वहीं पर्यटक जयपुर पहुंचने के बाद बस, टैक्सी या फिर ऑटो के माध्यम से इस भव्य किले को देखने जा सकते हैं। इसके अलावा सैलानी अपने निजी वाहनों के माध्यम से भी इस किले को देखने पहुंच सकते हैं।

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