COVID महामारी के कारण मौत की आशंका के आधार पर दी गयी Anticipatory Bail के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (SC) का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर अगले सप्ताह सुनवाई होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने COVID महामारी के कारण मौत की आशंका के आधार पर एक अभियुक्त को Anticipatory Bail पर रिहा करने का आदेश दिया था, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति बी आर गवई की अवकाशकालीन खंडपीठ के समक्ष मामले का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने दलील दी कि अभियुक्त एक ठग है और उसे केवल कोरोना से मौत की आशंका के कारण अग्रिम जमानत दे दी गयी है।
न्यायालय ने श्री मेहता की प्रारम्भिक दलीलें सुनने के बाद कहा कि वह इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह करेगा।
उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गत 10 मई को एक जारी आदेश में वर्तमान महामारी के कारण मौत की आशंका को अग्रिम जमानत का वैध आधार माना था।