नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद भगवंत मान ने कहा कि 17 सितंबर का दिन भारत के किसानों के लिए काला दिन माना जाएगा, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिन अपने जन्मदिन पर देश को किसान विरोधी बिलों का एक तोहफा दिया है। उन्होंने कहा कि इन बिलों के लिए कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल दोनों समान रूप से जिम्मेदार हैं। कल हमने शिरोमणि अकाली दल द्वारा हरसिमरत कौर बादल के कैबिनेट पद से इस्तीफा के रूप में एक ढोंग देखा, लेकिन अब इस्तीफा देने का क्या मतलब है।
उन्होंने कहा कि पिछले 3-4 महीनों से अकाली दल इन बिलों की बड़ाई कर रहा था, अब उन्होंने यू-टर्न ले लिया है, लेकिन वे एनडीए नहीं छोड़ रहे हैं और यह पंजाब के किसानों के साथ धोखा है। उन्होंने सभी राज्यसभा सांसद से इस विधेयक के विरुद्ध मतदान करने का अनुरोध किया है।
भगवंत मान ने कहा कि देश के किसान के साथ यह जो अमानवीय काम हो रहा है, इसके लिए कांग्रेस भी उतनी ही जिम्मेदार है जितना कि अकाली दल जिम्मेदार है। अकाली दल पर निशाना साधते हुए भगवंत मान ने कहा कि अब हरसिमरत कौर बादल जी मंत्री पद से इस्तीफा देने का ढोंग कर रही हैं। परंतु इस इस्तीफे के देने से पंजाब के किसानों के हक में कोई लाभ नहीं होने वाला, क्योंकि जब इस अध्यादेश का विरोध करने की जरूरत थी, जब इस्तीफा देने की जरूरत थी, केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की जरूरत थी, उस समय पूरा का पूरा अकाली दल भाजपा के साथ खड़ा था और किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले इस अध्यादेश का समर्थन कर रहा था।
कांग्रेस पर हमला करते हुए भगवंत मान ने कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र भी देश और पंजाब के किसानों के सामने बेनकाब हो गया है। एक तरफ तो जब मुख्यमंत्रीयों की बैठक होती है, तो कैप्टन अमरिंदर सिंह जी इस अध्यादेश का समर्थन करते हैं, कहते हैं कि हां यह बिल आना चाहिए और मीटिंग से बाहर निकलने के बाद जनता के सामने झूठा ढोंग करते हैं।
भगवंत मान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सत्ता में आने से पहले अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि सभी किसानों का कर्जा माफ किया जाएगा। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस अपना वादा भूल गई, किसी किसान का कर्जा माफ नहीं हुआ। 10 साल तक भाजपा और अकाली दल की गठबंधन की सरकार पंजाब में रही, किसानों की आत्महत्या होती रही और उसी प्रकार से कांग्रेस के राज में भी आत्महत्याओं का सिलसिला आज भी जारी है।
भगवंत मान ने कहा कि हमने जमीन पर भी इस अध्यादेश का विरोध किया, संसद में भी इस अध्यादेश का विरोध किया, किसानों ने जब भी इस अध्यादेश के खिलाफ प्रदर्शन किया, उसमें भी हम किसानों के साथ खड़े रहे। किसान यूनियन ने हमसे संपर्क किया, तो हम ने आश्वासन दिया कि हम सदन में इस अध्यादेश के खिलाफ वोट करेंगे और हमने अपना वादा निभाया, सदन में हमने इस अध्यादेश के खिलाफ वोट किया।
सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए भगवंत मान ने कहा कि सुखबीर बादल जी कहते हैं कि मैं भी किसान हूं। मैं सुखबीर बादल जी से कहना चाहूंगा कि देश के बाकी किसानों को भी वह फार्मूला बता दें जिससे कि खेती करके किसान 1000 बसें, फाइव स्टार होटल, और हेलीकॉप्टर की कंपनी बना सकें, देश के गरीब किसानों का भी कुछ भला हो जाएगा।