BJP ने सोमवार को झारखंड सरकार पर पहले से घोषित निवेश प्रस्तावों को नए निवेश के रूप में पेश करने का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि सरकार ने 99,639 करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया है, जबकि इनमें से अधिकांश प्रस्ताव पहले ही घोषित किए जा चुके थे।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि हालिया निवेश घोषणा में शामिल अधिकांश परियोजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री के इस वर्ष की शुरुआत में दावोस और यूनाइटेड किंगडम के दौरे के बाद ही सार्वजनिक की जा चुकी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिंदल स्टील, जिंदल न्यूक्लियर पावर, रुंगटा सन्स, रुंगटा माइन्स, टाटा स्टील, अमलगम स्टील एंड पावर, अंबुजा सीमेंट और जिंदल रिन्यूएबल्स जैसी कंपनियों के प्रस्ताव दोनों घोषणाओं में शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन्हीं प्रस्तावों को दोबारा नए निवेश के रूप में क्यों प्रस्तुत किया जा रहा है।
शाह देव ने पूर्व में हुए समझौता ज्ञापनों (MoUs) की वर्तमान स्थिति, अब तक हुए वास्तविक निवेश, आवंटित भूमि, शुरू की गई परियोजनाओं और उनसे सृजित रोजगार की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने निवेश के आंकड़ों में 30,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट को शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि इस तरह की परियोजना के क्रियान्वयन से पहले केंद्र सरकार और संबंधित वैधानिक एवं नियामक प्राधिकरणों से आवश्यक मंजूरी लेना अनिवार्य है।