India's GDP 2025

GDP बढ़ी तो क्यों जलते हैं कुछ लोग? विघ्नसंतोषियों की दवा खोजिए

GDP: अभी जब यह ऐतिहासिक खबर आई कि भारत ने जापान को पछाड़ दिया है और अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, तो यह खुश होने का अवसर था।

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#Mahashivratri पर 37 वर्षों बाद प्रदोष, शिव एवं सर्वार्थ सिद्धियोग का बन रहा संयोग, इस तरह करें महादेव की अराधना

नयी दिल्ली: भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का #Mahashivratri महाशिवरात्रि पर्व सबसे बड़ा पर्व है। मान्यता है कि इस तिथि पर ही भगवान शंकर और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर कई दुर्लभ महासंयोग बन रहे हैं,

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अब किस दुनिया में जिएं Premchand के झूरी काछी और हीरा-मोती

Premchand का समाज अलगू चौधरी और जुम्मन शेख के पंच परमेश्वर का समाज था, मुँहदेखी और पक्षपात से सर्वथा अलग। आज साहित्यकारिता में चारण-भाँटों या वैचारिक विरोधियों के साथ शाब्दिक व्यभिचारियों का दौर है। बीच का वर्ग सुविधाश्रयी है।

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Population नियंत्रण कानून क्या सच में जरूरी है?

1980 आते-आते चीन की population सौ करोड़ होने की कागार पर थी। उस वक्त यही शियाओपिंग चीन के लिए दुनिया भर में विवादित “वन चाइल्ड पॉलिसी” लेकर आए। शियाओपिंग सोचते थे कि चीन के संसाधन इतनी बड़ी आबादी पचा जाती है और सरकार लोगों को बेहतर सुविधाएं नहीं दे पाती, लेकिन जो शियाओपिंग ने नहीं सोचा वो भयानक भविष्य बन गया।

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Kabir जयंती : साँच कहै ता मारन धावै झूठे जग पतियाना..

Kabir कब पैदा हुए कब मरे, हिंदू की कोख से कि मुसलमान की, उन्हें दफनाया गया कि मुखाग्नि दी गई, इसका सही-सही लेखा जोखा किसी के पास नहीं। फिर भी उनकी जयंती ढलते जेठ की उमस भरी तपन के बीच पड़ती है। वे दोपहर के सूरज की तरह तीक्ष्ण और ज्वलनशील थे जिसके ताप को जग आज भी महसूस करता है।

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सच (Truth) के शीर्षासन पर झूठ का झंडा 

“सोशल मीडिया की वर्चुअल मिक्सी में तथ्य ऐसे मथे जा रहे हैं कि सच (Truth) को झूठ से अलग करना दही से उसकी खट्टई अलग करने जैसा है”

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Corona काल में नॉन वेज की बढ़ गई डिमांड

Corona ने भारतीयों की ज़िंदगी बदल कर रख दी है। सामान्य आचार व्यवहार से लेकर खान पान तक लोगों का बदल गया है। जो लोग कभी किसी भोज्य पदार्थ को वर्जित समझते थे, वे अब उस वर्जित पदार्थ को ग्रहण करने में संकोच नहीं कर रहे हैं।

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Sharad Joshi जयंती : ‘हम भ्रष्टन के भ्रष्ट हमारे’

शरद जोशी (Sharad Joshi) ने कोई पैतीस साल पहले “हम भ्रष्टन के भ्रष्ट हमारे” व्यंग्य निबंध रचा था। तब यह व्यंग्य था, लोगों को गुदगुदाने वाला। भ्रष्टाचारियों के सीने में नश्तर की तरह चुभने वाला।

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क्या हो देश का नाम भारत (Bharat), इंडिया या फिर हिंदुस्तान ?

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में देश का नाम में इंडिया (India) शब्द को हटाकर भारत (Bharat) करने संबंधी जनहित याचिका (PIL) पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित मंत्रालय के समक्ष अपना प्रतिनिधित्व रखने की सलाह दी है।

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ब्राह्मणत्व (Brahminism) जन्म का नहीं, आचरण का विषय

धर्मशात्रों में ब्राह्मणों का स्थान अप्रतिम और अमोघ माना गया है। लोग कह सकते हैं कि शास्त्रकार सबके सब ब्राह्मण होते थे इसलिए खुद को सर्वोपरि रखा। फिर भी ब्राह्मणत्व (Brahminism) में ऐसा कुछ न कुछ तो होगा कि प्रायः प्रत्येक धर्मशास्त्रों में बार-बार समाज को सावधान किया गया है कि वह ब्राह्मणों को रुष्ट होने का अवसर नहीं दे।

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