GDP बढ़ी तो क्यों जलते हैं कुछ लोग? विघ्नसंतोषियों की दवा खोजिए
GDP: अभी जब यह ऐतिहासिक खबर आई कि भारत ने जापान को पछाड़ दिया है और अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, तो यह खुश होने का अवसर था।
Continue Readingजनपक्षीय राजनीति और विकास
GDP: अभी जब यह ऐतिहासिक खबर आई कि भारत ने जापान को पछाड़ दिया है और अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, तो यह खुश होने का अवसर था।
Continue Readingनयी दिल्ली: भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का #Mahashivratri महाशिवरात्रि पर्व सबसे बड़ा पर्व है। मान्यता है कि इस तिथि पर ही भगवान शंकर और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर कई दुर्लभ महासंयोग बन रहे हैं,
Continue ReadingPremchand का समाज अलगू चौधरी और जुम्मन शेख के पंच परमेश्वर का समाज था, मुँहदेखी और पक्षपात से सर्वथा अलग। आज साहित्यकारिता में चारण-भाँटों या वैचारिक विरोधियों के साथ शाब्दिक व्यभिचारियों का दौर है। बीच का वर्ग सुविधाश्रयी है।
Continue Reading1980 आते-आते चीन की population सौ करोड़ होने की कागार पर थी। उस वक्त यही शियाओपिंग चीन के लिए दुनिया भर में विवादित “वन चाइल्ड पॉलिसी” लेकर आए। शियाओपिंग सोचते थे कि चीन के संसाधन इतनी बड़ी आबादी पचा जाती है और सरकार लोगों को बेहतर सुविधाएं नहीं दे पाती, लेकिन जो शियाओपिंग ने नहीं सोचा वो भयानक भविष्य बन गया।
Continue ReadingKabir कब पैदा हुए कब मरे, हिंदू की कोख से कि मुसलमान की, उन्हें दफनाया गया कि मुखाग्नि दी गई, इसका सही-सही लेखा जोखा किसी के पास नहीं। फिर भी उनकी जयंती ढलते जेठ की उमस भरी तपन के बीच पड़ती है। वे दोपहर के सूरज की तरह तीक्ष्ण और ज्वलनशील थे जिसके ताप को जग आज भी महसूस करता है।
Continue Reading“सोशल मीडिया की वर्चुअल मिक्सी में तथ्य ऐसे मथे जा रहे हैं कि सच (Truth) को झूठ से अलग करना दही से उसकी खट्टई अलग करने जैसा है”
Continue ReadingCorona ने भारतीयों की ज़िंदगी बदल कर रख दी है। सामान्य आचार व्यवहार से लेकर खान पान तक लोगों का बदल गया है। जो लोग कभी किसी भोज्य पदार्थ को वर्जित समझते थे, वे अब उस वर्जित पदार्थ को ग्रहण करने में संकोच नहीं कर रहे हैं।
Continue Readingशरद जोशी (Sharad Joshi) ने कोई पैतीस साल पहले “हम भ्रष्टन के भ्रष्ट हमारे” व्यंग्य निबंध रचा था। तब यह व्यंग्य था, लोगों को गुदगुदाने वाला। भ्रष्टाचारियों के सीने में नश्तर की तरह चुभने वाला।
Continue Readingहाल ही में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में देश का नाम में इंडिया (India) शब्द को हटाकर भारत (Bharat) करने संबंधी जनहित याचिका (PIL) पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित मंत्रालय के समक्ष अपना प्रतिनिधित्व रखने की सलाह दी है।
Continue Readingधर्मशात्रों में ब्राह्मणों का स्थान अप्रतिम और अमोघ माना गया है। लोग कह सकते हैं कि शास्त्रकार सबके सब ब्राह्मण होते थे इसलिए खुद को सर्वोपरि रखा। फिर भी ब्राह्मणत्व (Brahminism) में ऐसा कुछ न कुछ तो होगा कि प्रायः प्रत्येक धर्मशास्त्रों में बार-बार समाज को सावधान किया गया है कि वह ब्राह्मणों को रुष्ट होने का अवसर नहीं दे।
Continue Reading