केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार को कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार की बेंगलुरु और कनकपुरा की संपत्तियों में भ्रष्टाचार के मामले में छापे मारे. शिवकुमार के भाई और बेंगलुरु ग्रामीण सांसद डीके सुरेश के घर पर भी केंद्रीय एजेंसी ने छापा मारा है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि सीबीआई द्वारा कम से कम 14 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है.
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीमों ने बेंगलुरु के सदाशिवनगर में डीके शिवकुमार के घर और कनकपुरा में डीके सुरेश की संपत्तियों और बेंगलुरु में छापे मारे.
पिछले साल, शिवकुमार को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था. शिवकुमार को 3 सितंबर, 2019 को प्रवर्तन निदेशालय ने 2017 में आयकर विभाग द्वारा एक जांच के बाद 2018 में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था.
इस बीच, सोमवार को छापे पर प्रतिक्रिया देते हुए, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ने इसे “जनता को गुमराह करने” का प्रयास बताया. सिद्धारमैया ने ट्वीट कर कहा, “बीजेपी ने हमेशा से ही प्रतिशोध की राजनीतिऔर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की है.” उन्होंने कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा, “डीके शिव कुमार के घर पर CBI की छापेमारी उपचुनावों के लिए हमारी तैयारी को पटरी से उतारने का एक और प्रयास है.”
सूत्रों का कहना है कि इस छापेमारी के दौरान सीबीआई की टीम को 50 लाख रुपये का कैश मिला है. इस कैश को लेकर भी पूछताछ की जा रही है. इस बीच डीके शिवकुमार के घर के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटने लगी है. सभी लोग छापेमारी का विरोध कर रहे हैं.
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Let Modi & Yeddyurappa Govts & BJP’s frontal organizations i.e CBI-ED-Income Tax know that Congress workers & leaders will not be cowed down nor bow down before such devious attempts.Our resolve to fight for people & expose BJP’s maladministration only becomes stronger. https://t.co/AfoJgxOsGl
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) October 5, 2020
सीबीआई छापे की निंदा कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी की. “मोदी-येदियुरप्पा की जोड़ी का अपनी कठपुतली सीबीआई द्वारा डराने -धमकाने का काम नहीं चलेगा. सीबीआई को येदियुरप्पा सरकार में भ्रष्टाचार की परतों का पता लगाना चाहिए.
आईटी जांच के आधार पर, और भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी के तहत कर चोरी करने के लिए कर चोरी और आपराधिक साजिश की अदालत में शिकायत की, ईडी ने सितंबर 2018 में शिवकुमार और उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया. उन्हें आरोपी बनाया गया था, हवाला मामले में दूसरों की मदद के माध्यम से बेहिसाब धन की फंडिंग करना. प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत, शिवकुमार पर कर चोरी और ट्रांजेक्शन हवाला ’से करोड़ों रुपये के लेनदेन का आरोप लगाया गया था.
गौरतलब है कि सीबीआई ने कर्नाटक सरकार के तत्कालीन मंत्री डीके शिवकुमार और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है. सीबीआई की टीम आज कर्नाटक में 9, दिल्ली में 4, मुंबई में एक सहित 14 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.