नई दिल्ली: दुनिया भर में आज यानी सोमवार को सातवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया है। भारत समेत विश्व भर में कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते कोविड नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर दिल्ली स्थित नेशनल म्यूजियम में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 30 लोग शामिल हुए। कोविड गाइडलाइंस के चलते ज्यादा लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं किए गए।
नेशनल म्यूजियम में योग प्रशिक्षिका प्रज्ञा यादव ने सभी को योग कराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘योग: कर्मसु कौशलम्’ इसका मतलब है कि कर्मों को कुशलतापूर्वक करना ही योग है। इस अर्थ में ‘योग’ शब्द से मानसिक, बौद्धिक एवं शारीरिक समन्वयन एवं तादात्म्य अभिप्रेत है। यानि मन, बुद्धि एवं शरीर इन तीनों को एक साथ जोड़कर जब हम कोई कार्य करते हैं तो निश्चित ही उस कार्य में कुशलता या संपूर्ण दक्षता प्राप्त होती है, जिसे योग कहते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में हम कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं। इस समय में रोजाना योगासन, प्राणायाम और मेडिटेशन करने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। उन्होंने योग और उनसे होने वाले फायदे के बारे में विस्तार से बताया।
आपको बता दें कि दुनिया भर में आज सातवां योग दिवस मनाया गया। भारत की अगुवाई के बाद ही 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश में आज योग से जुड़े कई का कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने कहा कि कोरोना काल में योग लोगों का सुरक्षा कवच बन गया है। साथ ही पीएम मोदी ने एम-योगा एप लॉन्च करने की बात कही, जिसमें दुनिया की अलग-अलग भाषाओं में योग को सीखने का मौका मिलेगा।