CAA यानी नागरिकता संशोधन कानून को सोमवार को अधिसूचित कर दिया गया। केंद्र सरकार ने चार साल करीब तीन महीने के इंतजार के बाद यह बहुप्रतीक्षित कानून अधिसूचित किया। इसके साथ ही पूरे देश में सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट पर भी रखा गया है।
मोदी सरकार ने अपने वायदों में से एक और वायदे को पूरा करते हुए इसे काफी जद्दोजहद के बाद अधिसूचित कर दिया। इस कानून को दिसंबर 2019 में पारित कर दिया गया था और तत्कालीन राष्ट्रपति ने इस पर अपनी मोहर भी लगा दी थी, लेकिन विभिन्न राज्यों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण इसे अधिसूचित नहीं किया गया था, लेकिन अब सरकार ने इसे मूर्त रूप दे दिया है।
इस कानून के अधिसूचित होने के परिणामस्वरूप 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, अफगानिस्तान, और बांग्लादेश से जो भी गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) भारत में शरण लिये हुए हैं उन्हें यहां की नागरिकता प्रदान की जाएगी।
सरकार ने बताया कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार किया गया है। इसमें बाहर से आए लोगों को रजिस्ट्रेशन करना होगा। ये भी बताना होगा कि उन्होंने भारत में एंट्री कब ली थी। इसके बाद जरूरी जांच पड़ताल की जाएगी और फिर उन आवेदकों को नागरिकता मिल सकेगी।