सीतामढ़ी में मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने 218 करोड़ रुपये की 83 विकास योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास

राष्ट्रीय दुनिया
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बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने शनिवार को सीतामढ़ी के राघोपुर बखरी में आयोजित कार्यक्रम में जिले की 218 करोड़ रुपये की लागत वाली 83 विकासात्मक योजनाओं का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 82 योजनाओं का उद्घाटन और एक योजना का शिलान्यास शामिल है।

इन योजनाओं में भवन निर्माण विभाग की 76.25 करोड़ रुपये की लागत वाली 25 योजनाएं, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्य प्रमंडल सीतामढ़ी के अंतर्गत 26.75 करोड़ रुपये की लागत वाली 15 योजनाएं, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्य प्रमंडल बेलसंड के अंतर्गत 5.80 करोड़ रुपये की लागत वाली छह योजनाएं तथा ग्रामीण कार्य विभाग के कार्य प्रमंडल पुपरी के अंतर्गत 1.45 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच योजनाएं शामिल हैं।

इसके अलावा बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के अंतर्गत 16.85 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच योजनाओं, योजना एवं विकास विभाग के अंतर्गत स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल-02, पुपरी की 26.16 लाख रुपये की लागत वाली नौ योजनाओं, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड की 2.05 करोड़ रुपये की लागत वाली एक योजना तथा पथ निर्माण विभाग की 98 लाख रुपये की लागत वाली एक योजना का भी उद्घाटन किया गया।

मुख्यमंत्री ने योजना एवं विकास विभाग के अंतर्गत स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल-01, सीतामढ़ी की 46.69 करोड़ रुपये की लागत वाली एक योजना का शिलान्यास भी किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग तथा बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड की राज्य योजना 2025-26 एवं 2026-27 के अंतर्गत सीतामढ़ी जिले में 30 एमटीपीडी क्षमता वाले दुग्ध चूर्ण संयंत्र के निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शुभारंभ किया। इस परियोजना की लागत 76.60 करोड़ रुपये है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बखरी मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, सीतामढ़ी स्थित मत्स्य ब्रुड बैंक के प्रजनन कार्य का भी शिलापट्ट अनावरण कर शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने मत्स्य हैचरी कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन्हें मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, सीतामढ़ी के राज्य में मत्स्य उत्पादन में योगदान, कॉर्प मछलियों के प्रजनन चक्र, मत्स्य उत्पादन की वर्तमान स्थिति सहित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने मत्स्य उत्पादन एवं मत्स्य बीज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध चूर्ण संयंत्र से दुग्ध प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा और दुग्ध उत्पादकों को इसका लाभ मिलेगा। इसके साथ ही डेयरी एवं मत्स्य क्षेत्र के विकास से किसानों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लाभुकों को सांकेतिक चेक एवं स्वीकृति प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए।

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