चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) बदलने की कोशिश में है , लेकिन उसकी इस कोशिश को भारतीय सैन्यकर्मी नाकाम करने के लिए कमर कसे हुए हैं। भारत ने गुरुवार को चीन पर आरोप लगाया कि वह lAC को बदलने का प्रयास कर रहा है, लेकिन भारतीय NAVY सेना के दो अन्य अंगों -थल सेना (Army) तथा वायु सेना (IAF)- के साथ तालमेल बनाते हुए किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
नेवी प्रमुख एडमिरल कर्मबीर सिंह ने यह भी कहा कि नौसेना समुद्री क्षेत्र में विशेष रूप से चीन की ओर से किसी भी खतरे के प्रति पूरी तरह सचेत तथा निपटने के लिए तैयार है।
नौसेना दिवस की पूर्व संध्या पर यहां संवाददाता सम्मेलन में नौसेना प्रमुख ने कहा कि देश को कोरोना महामारी और चीन द्वारा उत्तरी सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा को बदलने की कोशिशों की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। नौसेना का टोही विमान पी- 8 आई और प्रिडेटर ड्रोन पूर्वी लद्दाख के क्षेत्र में निगरानी में सक्षम हैं। नौसेना निरंतर थल सेना और वायु सेना से तालमेल बनाये हुए हैं और उनकी जरूरतों के अनुसार कदम उठाने के लिए तैयार है। हालाकि नौसेना के विशेष कमांडो मार्कोस की पूर्वी लद्दाख में स्थित पेगोंग झील में तैनाती के बारे में उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रिडेडर ड्रोन से हमारी निगरानी क्षमता बढी है क्योंकि यह एक बार में 24 घंटे तक नजर रखने में सक्षम है। जरूरत पड़ने पर पूर्वोत्तर क्षेत्र में भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों के बीच पिछले छह महीने से भी अधिक समय से सैन्य गतिरोध चल रहा है।