महागठबंधन का कॉमन मेनिफेस्टो जारी, 10 लाख लोगों को नौकरी देने का वायदा

समाचार राष्ट्रीय
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बिहार चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं. महागठबंधन ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पटना में आज अपना घोषणा पत्र जारी किया. घोषणा पत्र जारी किए जाने के मौके पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में अब तक केंद्र की टीम ने आकर नहीं देखा कि बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हुए, ऐसा लग रहा है कि बस कुर्सी पाने की होड़ में सब लोग लगे हुए हैं.

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन  में शामिल दलों ने संयुक्त घोषणा पत्र  जारी कर दिया है. इसको लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष व अलायंस के नेता तेजस्वी यादव  ने ‘प्रण हमारा संकल्प बदलाव का’ टैग लाइन के साथ घोषणापत्र की मुख्य बातें मीडिया से साझा कीं. इस मौके पर तेजस्वी ने बिहारवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि का पहला दिन है और आज हम लोग कलश का स्थापना कर संकल्प लेते हैं. हमने भी अपने घर में कलश की स्थापना की है और संकल्प लिया है. ‘प्रण हमारा संकल्प बदलाव का’ ये सच होने वाला है. हमने संकल्प लिया है कि अगर हमारी सरकार बनती है तो हम पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख लोगों को नौकरी देंगे.

तेजस्वी यादव ने कहा, बिहार में डबल इंजन की सरकार है. नीतीश कुमार पिछले 15 वर्षों से राज्य में शासन कर रहे हैं लेकिन इसे विशेष श्रेणी का दर्जा नहीं दिया गया है. उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप तो अमेरिका से आकर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दे देंगे.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘ये चुनाव नई दशा बनाम दुर्दशा का चुनाव है, ये चुनाव नया रास्ता और नया आसमान बनाम हिंदू-मुसलमान का चुनाव है, ये चुनाव नए तेज बनाम फेल तजुर्बे की दुहाई का चुनाव है, ये चुनाव खुद्दारी और तरक्की बनाम बंटवारा और नफरत का चुनाव है. अगर हम तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनाते हैं तो हम तीन कृषि विरोधी कानूनों को समाप्त करने के लिए पहले विधानसभा सत्र में एक विधेयक पारित करेंगे.’

वहीं घोषणा पत्र जारी किए जाने के दौरान कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यदि हम तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनाते हैं, तो हम तीन कृषि विरोधी कानूनों को समाप्त करने के लिए पहले विधानसभा सत्र में एक विधेयक पारित करेंगे.

इस अवसर पर तेजस्‍वी ने कहा कि आज बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है. अपनी सरकार बनने पर वे रोजगार के लिए आवेदन करने वालों की फीस माफ करेंगे तथा परीक्षा केंद्र तक जाने का किराया भी देंगे.

महागठबंधन की ओर से चुनाव घोषणा पत्र में कर्पूरी श्रम सहायता केंद्र खोलने का भी वादा किया गया है, जहां आपदा के समय मजदूरों की सेवा और देखभाल की व्यवस्था की जाएगी. वहीं महागठबंधन ने नियोजित शिक्षकों को लेकर बड़ी घोषणा की है. घोषणापत्र में यह वादा किया गया है कि महागठबंधन की सरकार नियोजित शिक्षकों को वेतन समान काम समान वेतन के आधार पर दिया जाएगा.

महागठबंधन द्वारा क्या वादे किए गए हैं:-
*नौकरी के लिए साक्षात्कार में जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए किराया
*कर्पूरी श्रम केंद्र खोला जाएगा
*नियोजित शिक्षकों को समान काम समान वेतन देंगे
*शिक्षा मित्रों को स्थायी करने का वादा
*पुल-पुलिया को दुरुस्त किया जाएगा
*बिहटा में हवाई अड्डे का निर्माण
*बिजली उत्पादन पर जोर
*किसानों की कर्ज माफी
*जीविका दीदी की नियमित वेतन और राशि बढ़ाई जाएगी
*बंद चीनी मिलों को फिर से खोला जाएगा
*बेरोजगारी दूर करने पर विशेष जोर
*10 लाख युवाओं को रोजगार
*बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाने के लिए संघर्ष

दूसरी ओर महागठबन्धन के घोषणा पत्र पर जदयू कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि 15 वर्षो तक अखण्ड भ्रष्टाचार में डूबे रहे. जिनकी उम्र अभी परिपक्व नहीं हुई है उनके पास हजारों करोड़ की सम्पत्ति है. प्रदेश की जनता देख रही है वादा करके दोबारा सत्ता में क्यों आना चाहते हैं. प्रदेश की सामाजिक समरसता को तोड़ने के लिए या करप्शन लाने के लिए जनता आपको वोट दे. घोषणा तो कुछ भी कर सकते हैं. आपको मिला था तो आपने क्या किया, नीतीश कुमार ने करके दिखाया.

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