झारखंड की राजधानी रांची में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi को पुलिस हिरासत में लिए जाने और इस दौरान उनकी नाक में चोट लगने की घटना के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर कोतवाली थाना भेज दिया।
राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने और उनके घायल होने की सूचना मिलते ही प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। इसके बाद झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू के नेतृत्व में पार्टी के मंत्री, विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लोक भवन के निकट एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई का विरोध किया और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को हिरासत में लेने के दौरान लगी चोट कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार छात्रों, युवाओं और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाने की कोशिशें कभी सफल नहीं हो सकतीं और देश की जनता सब कुछ देख रही है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करते हुए झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, राधाकृष्ण किशोर और डॉ. इरफान अंसारी सहित कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। इसके अलावा विधायक श्रीबेला प्रसाद, राजेश कच्छप, सुरेश बैठा, अनूप सिंह, बंधु तिर्की और नमन बिक्सल कोंगाड़ी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए गए अन्य नेताओं में कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर, आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, राजीव रंजन प्रसाद, आदित्य विक्रम जायसवाल, आभा सिन्हा, जयशंकर पाठक और डॉ. कुमार राजा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हैं। पुलिस सभी हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को कोतवाली थाना ले गई, जहां उन्हें रखा गया।
कांग्रेस ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और विपक्ष की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि यदि इस मुद्दे पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आगे भी विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी।