झारखंड कांग्रेस ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार को Ranchi स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
रांची महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुमार राजा और रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता हरमू मैदान से मार्च करते हुए भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि परीक्षा संबंधी विवादों और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की मांगों को दोहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही छात्रों और युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने तथा इस पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग भी की गई।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान भाजपा समर्थकों ने विरोध मार्च को बाधित करने की कोशिश की। पार्टी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पत्थर, अंडे और टमाटर फेंके गए। हालांकि कांग्रेस का दावा है कि उकसावे के बावजूद उसके कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध जारी रखा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया।
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर भाजपा नेताओं की कथित टिप्पणियों की भी आलोचना की।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सोनल शांति ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व नियोजित तरीके से कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला किया और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन को बाधित करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों की चिंताओं का समाधान करने में विफल रही है और इस नैतिक जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के सभी आरोपों से इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का प्रयास कांग्रेस की ओर से किया गया। इस घटनाक्रम के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जबकि प्रदर्शन के दौरान पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई थी।