देश के लिए पहला ऑस्कर जीतने वाली भारतीय कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया का निधन हो गया है. भानु ने 91 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. पीटीआई के साथ बातचीत में भानु की बेटी राधिका ने कहा कि उनका एक लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को अपने घर में निधन हुआ है. भानु का अंतिम संस्कार दक्षिण मुंबई के चंदनवाड़ी में किया गया है. भानू ने साल 1956 में फिल्म सीआइडी से अपने करियर की शुरुआत की.
राधिका गुप्ता ने अपनी मां के बारे में बात करते हुए कहा- उनका आज सुबह निधन हो गया था. आठ साल पहले उनके ब्रेन में ट्यूमर मिला था. पिछले तीन सालों से वे बेड पर ही थीं क्योंकि उनके शरीर के एक हिस्से में लकवा मार गया था. बता दें कि भानु का जन्म कोल्हापुर में हुआ था और उन्होंने साल 1956 में लेजेंडरी डायरेक्टर गुरुदत्त की सुपरहिट फिल्म सीआईडी से अपने कॉस्ट्यूम डिजाइनर करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने बॉलीवुड के कई बेहतरीन निर्देशकों के साथ काम किया है.
भानु ऑस्कर सम्मान से सम्मानित होने वालीं पहली भारतीय नागरिक थीं. उन्होंने कई सारी बॉलीवुड फिल्मों में कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग का काम किया. भानु को साल 1982 में आई फिल्म गांधी के लिए ऑस्कर अवॉर्ड से नवाजा गया था. भानु के अलावा ये अवॉर्ड जॉन मोलो को भी मिला था. हालांकि, साल 2012 में उन्होंने ये सम्मान वापस भी कर दिया.
साल 2012 में भानु ने एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंस को अपना ऑस्कर वापस लौटा दिया था ताकि इसे सुरक्षित तरीके से रखा जा सके. भानु को लगा था कि उनकी मौत के बाद उनके परिवार वाले उनके सम्मान का सही तरीके से ध्यान नहीं रख पाएंगे.
भानु का करियर पांच दशक से भी लंबा रहा और उन्होंने 100 से भी अधिक फिल्मों में काम किया. भानु ने दो नेशनल अवॉर्ड्स भी हासिल किए हैं. उन्हें ये अवॉर्ड डायरेक्टर गुलजार की फिल्म ‘लेकिन’ और आशुतोष गोवारिकर द्वारा निर्देशित और आमिर खान स्टारर लेजेंडरी फिल्म लगान के लिए मिले थे.
बता दें कि भानू ने अपने करियर के दौरान गुरु दत्त, राज कपूर, यश चोपड़ा और आशुतोष गोवारिकर के साथ काम किया. इसके अलावा उन्होंने हॉलीवुड के भी नामचीन निर्देशकों के साथ काम किया है. साल 2010 में उन्होंने आर्ट ऑफ कॉस्ट्यूम डिजाइन के नाम से एक बुक भी लिखी थी. बुक को हार्पर कोलिन्स ने प्रकाशित किया था.