Delhi Congress ने मंगलवार को भाजपा सरकार पर 22,000 करोड़ रुपए के कथित चावल घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए निर्धारित चावल को कथित तौर पर व्यावसायिक लाभ के लिए दूसरी जगह भेजा गया।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने दिल्ली को ‘‘अपराध की राजधानी’’ के साथ-साथ ‘‘भ्रष्टाचार की राजधानी’’ भी बना दिया है।
यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सिफारिश पर भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए निर्धारित चावल को असम की एक निगम को भेजा, जिसने कथित तौर पर इसे हरियाणा की एक निजी कंपनी को भारी मुनाफे पर बेच दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के तहत हर सप्ताह 31,000 मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति की जा रही थी। यादव ने दावा किया कि तीन वर्षों में 22,000 करोड़ रुपये मूल्य के चावल बेचने और 11,000 करोड़ रुपये कमीशन अर्जित करने का प्रस्ताव था। उन्होंने कहा कि इस मामले का पता केंद्रीय सतर्कता विभाग ने लगाया था।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय दिल्ली सरकार ने ‘‘एक अधिकारी को निलंबित कर मामले को दबा दिया।’’
यादव ने भाजपा सरकार के समग्र कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि स्वच्छ शासन के वादे के साथ सत्ता में आई सरकार ‘‘केजरीवाल सरकार जितनी ही भ्रष्ट’’ हो गई है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में खरीद और साइकिल खरीद में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया और इन्हें मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले का उदाहरण बताया।