बिहार में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस करके बताया कि कोविड काल में तीन चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। पहला चरण का चुनाव 28 अक्टूबर 2020 को होगा, दूसरे चरण का तीन नवंबर और तीसरे चरण का चुनाव सात नवंबर को कराया जाएगा। चुनाव आयोग के अनुसार विधान सभा चुनावों के नतीजों का ऐलान 10 नवंबर को किया जाएगा। इस बार तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। 28 अक्टूबर को पहले चरण की वोटिंग होगी, 3 नवंबर को दूसरे चरण की वोटिंग होगी तथा 7 नवंबर को आखिर चरण की वोटिंग होगी। 10 नवंबर को वोटों की गिनती होगी।
LIVE: #ElectionCommissionOfIndia announcing the schedule for holding General Election to the Legislative Assembly of Bihar 2020. @CEOBihar #ECI #BiharElections https://t.co/HIiq7JaTtI
— Election Commission of India (@ECISVEEP) September 25, 2020
उम्मीदवारों के बारे में जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी: चुनाव आयोग
सभी मतदान केंद्र ग्राउंड फ्लोर पर ही होंगे। उम्मीदवारों के बारे में जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी। उम्मीदवारों पर केस की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
इस बार वर्चुअल चुनाव प्रचार होगा: चुनाव आयुक्त
चुनाव आयोग ने बताया कि नामांकन के दौरान उम्मीदवार के साथ दो से ज्यादा वाहन नहीं जा सकते हैं। इस बार वर्चुअल चुनाव प्रचार होगा। बड़ी- बड़ी जनसभाएं नहीं की जा सकेंगी।
सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर होगी कानूनी कार्रवाई: चुनाव आयुक्त
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव के दौरान सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी एक चुनौती है। सोशल मीडिया पर कोई भी अगर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करता है तो उसपर कानूनी कार्रवाई होगी।
कोरोना मरीज वोटिंग के आखिरी घंटे में वोट डाल पाएंगे: मुख्य चुनाव आयुक्त
एक बूथ पर सिर्फ 1,000 मतदाता ही मदतान कर पाएंगे। कोरोना मरीज वोटिंग के आखिरी घंटे में वोट डाल पाएंगे।
सुबह 7 बजे से शाम के 6 बजे तक होगी वोटिंग : चुनाव आयोग
बिहार विधानसभा चुनाव में कुल 7 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल कर पाएंगे। बिहार विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन ऑनलाइन और ऑफ़लाइन भरे जा सकते हैं। सुबह 7 बजे से शाम के 6 बजे तक होगी वोटिंग। मतदान का समय एक घंटा बढ़ा दिया गया है। नामांकन ऑनलाइन भी किया जा सकेगा। विधानसभा कैंडिडेंट समेत कुल 5 लोग ही डोर टू डोर कैंपेन में शामिल होंगे। 5 से ज्यादा लोग घर जाकर प्रचार नहीं कर पाएंगे।
कोविड के चलते नए सुरक्षा मानकों के तहत होंगे चुनाव: चुनाव आयोग
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोविड के चलते नए सुरक्षा मानकों के तहत चुनाव होंगे। पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की संख्या घटाई जाएगी। एक बूथ पर 1 हजार मतदाता होंगे। 7 लाख हैंड सैनेटाइजर, 6 लाख पीपीई किट्स, 23 लाख हैंड ग्लब्स का इंतजाम किया गया है। 7 लाख से ज्यादा हैंड सैनिटाइजर और 46 लाख से ज्यादा मास्क उपलब्ध करवाए जाएंगे।
बिहार चुनाव में इसबार एक लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन: चुनाव आयोग
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनावों की घोषणा करने के लिए यहां है। बिहार में कुल 243 सीटों पर चुनाव होना है। कोरोना के दौर में पहला बड़ा चुनाव होने जा रहा है। चुनाव नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है। इसलिए चुनाव कराने जरूरी हैं। बिहार चुनाव में इसबार एक लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन होंगे।
चुनाव टालने की याचिका पर SC का सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विधानसभा चुनाव टाले जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया है। याचिकाकर्ता ने राज्य में कोरोना के चलते बिगड़े हालात का हवाला दिया था। कोर्ट ने कहा- हम पहले ही साफ कर चुके है कि चुनाव आयोग हालात के मुताबिक सभी चीजों को ध्यान में रखकर फैसला लेने में समर्थ है।
चुनाव में कोविड प्रोटोकॉल का करना होगा पालन
कोरोना संकट आने के बाद देश में ये पहला चुनाव है लिहाजा निर्वाचन आयोग ने कोविड प्रोटोकॉल के मुताबिक, गाइडलाइन्स भी जारी की है। मतदान केंद्रों की तादाद भी डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ा दी गई है। मतदान कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई गई है जबकि हर मतदान केंद्र पर मतदाताओं की तादाद घटा कर सीमित कर दी गई है। कोरोना काल में लोगों के हेल्थ और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। चुनाव आयोग ने इसके लिए काफी तैयारी की है। चुनाव कार्यक्रम को भी इसी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। राज्यसभा चुनाव और विधान परिषद चुनावों में हमने ऐसा किया है।
सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को मास्क लगाकर और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करके आने को कहा गया है, लेकिन एहतियातन प्रत्येक मतदान केंद्र पर मास्क, हैंडफ्री सेनेटाइजिंग और शरीर का तापमान मापने के इंतजाम किए जा रहे हैं। मतदान शुरू होने से पहले बूथ को पूरी तरह से सैनिटाइज कर डिसइनफेक्ट करने की भी सख्त हिदायत दी गई है।
2019 लोकसभा चुनाव में 223 विधानसभा सीटों पर आगे था एनडीए
2019 में हुए लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 में 39 सीटें एनडीए को मिली थीं। सिर्फ एक सीट पर कांग्रेस का उम्मीदवार जीता था। लोकसभा के नतीजों को अगर विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से देखें तो एनडीए को 223 सीटों पर बढ़त मिली थी। इनमें से 96 सीटों पर भाजपा तो 92 सीटों पर जदयू आगे थी। लोजपा 35 सीटों पर आगे थी। एक सीट जीतने वाला महागठबंधन विधानसभा के लिहाज से 17 सीटों पर आगे था। इनमें 9 सीट पर राजद, 5 पर कांग्रेस, दो पर हम (सेक्युलर) जो अब एनडीए का हिस्सा हैं और एक सीट पर रालोसपा को बढ़त मिली थी। अन्य दलों में दो विधानसभा क्षेत्रों में एआईएमआईएम और एक पर सीपीआई एमएल आगे थी।
विधानसभा में कुल कितनी सीटें, अभी कितनी किसके पास?
बिहार विधानसभा में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं। इस वक्त भाजपा और जदयू का गठबंधन सत्ता में है। राजद बिहार में अभी सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके पास 73 सीटें हैं। लेकिन नीतीश कुमार की जदयू ने 2017 में आरजेडी से गठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ सरकार बनाई है। बिहार में एक बार फिर चुनावी जंग एनडीए और महागठबंधन के बीच लड़ी जानी है। भाजपा की ओर से ऐलान किया गया है कि एनडीए नीतीश कुमार की अगुवाई में ही चुनाव लड़ेगा।
एनडीए ( कुल सीटें- 130)
- जदयू – 69
- भाजपा – 54
- लोजपा – 2
- हम – 1
- निर्दलीय – 4
महागठबंधन (कुल सीटें 101)
- राजद – 73
- कांग्रेस – 23
- सीपीआई (ML) – 3
- निर्दलीय – 1
अन्य
- AIMIM – 1
- खाली सीटें – 12