हाथरस गैंगरेप कांड मे एक नया ट्विस्ट आ गया है. एसआईटी की जांच में पता चला है कि आरोपी संदीप के फोन से पीड़िता के भाई के फोन पर पिछले 6 महीनें में 104 बार बातचीत हुई थी. जांच में पता चला है कि 13 अक्टूबर,2019 से टेलीफोन पर बातचीत शुरू हुई. अधिकांश कॉल चंदपा क्षेत्र में स्थित सेल टॉवरों से किए गए थे, जो पीड़िता के गांव बूलगढ़ी से बमुश्किल 2 किमी दूर थे. जिसमें से 62 कॉल आरोपी संदीप के फोन पर आई, जबकि 42 कॉल पीड़िता के भाई के फोन पर.
हालांकि इस खुलासे के बाद पीड़िता के परिवार का कहना है कि सारे आरोप झूठे हैं पीड़िता के भाई ने कहा नंबर हमारा ही है लेकिन मैं उनसे (आरोपी) से बात क्यों करूंगा? वही पिता का भी कहना है कि हमारे परिवार में से किसी ने भी आरोपी से बात नहीं की है.
इस बीच आरोपियों के वकील एपी सिंह का दावा है कि पीड़िता की हत्या खुद उसके भाई ने की है. वकील एपी सिंह का दावा है कि इस मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है. आरोपियों को साजिशन फंसाया जा रहा है, इसलिए वो ये केस लड़ रहे हैं. एपी सिंह को क्षत्रिय महासभा ने हाथरस केस में आरोपियों का पक्ष रखने के लिए नियुक्त किया है.
हाथरस कांड की जांच कर रही एसआईटी टीम को आज ही राज्य सरकार को जांच रिपोर्ट सौंपनी थी. लेकिन एसआईटी को जांच के लिए 10 दिन और मिल गए हैं. पूरे मामले की जांच गृह सचिव भगवान स्वरूप की अगुवाई में तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है.
19 वर्षीय लड़की का दिल्ली के अस्पताल में 29 सितंबर को मौत हो गई थी. परिवारवालों ने आरोपियों पर गैंगरेप और मारपीट का आरोप लगाया था. उधर यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है.