गाजियाबाद : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19-वर्षीया एक युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में रविवार को मुकदमा दर्ज करके औपचारिक तौर पर जांच का जिम्मा संभाल लिया।
सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इस बाबत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या का प्रयास (धारा 307), सामूहिक बलात्कार (376डी), हत्या (धारा 302) और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) कानून, 1989 की धारा-तीन (उत्पीड़न) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
सीबीआई ने उत्तर प्रदेश सरकार की सिफारिश और तदनुरूप केंद्र सरकार के कार्मिक, जन शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से कल देर शाम जारी अधिसूचना के बाद आज यह मुकदमा दर्ज किया। इसके साथ ही हाथरस के कथित सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई ने औपचारिक तौर पर संभाल लिया।
सीबीआई ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है और जल्द ही यह टीम मौके पर जाकर अपना काम शुरू कर देगी।
सीबीआई ने गाजियाबाद के अपराध निरोधक ब्यरो (एसीबी) में तैनात पुलिस उपाधीक्षक सीमा पाहुजा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
गौरतलब है कि हाथरस में 14 सितम्बर को एक 19 वर्ष की युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार हुआ था, जिसकी बाद में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी थी। राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जिस पर केंद्र सरकार ने कल देर रात मोहर लगा दी थी।
Good news of end of the justice
इस सराहनीय कदम से सच्चाई सामने आने की उम्मीद है|
समय बताएगा कि सरकारी तंत्र पीड़िता के परिजनों को न्याय दिलाने में अपनी भूमिका कितनी संवेदनशीलता के साथ निभाता है।