बाबरी विध्वंस केस के फैसले को लेकर अयोध्या में हाई अलर्ट, शिवसेना ने कहा- हर फैसला मंजूर

राष्ट्रीय समाचार
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बाबरी विध्वंस केस में 30 सितंबर को अहम फैसला आने वाला है। सीबीआई की विशेष अदालत 6 दिसंबर 1992 को गिराए गए विवादित ढांचे को लेकर अपना फैसला सुनाएगी। मामले में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती जैसे कई बड़े नेता आरोपी हैं। ऐसे हाई प्रोफाइल मामले में फैसले के मद्देनजर अयोध्या और लखनऊ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

अयोध्या में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। डीआईजी दीपक कुमार के मुताबिक, सीआईडी और एलआईयू की टीमें सादी वर्दी में तैनात कर दी गई हैं। बाहरी लोग अयोध्या में आकर माहौल न बिगाड़ने पाएं इसको लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि पूरे जिले में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। कहीं भी भीड़ नहीं इकट्ठा होने दी जाएगी। इसका उल्लंघन करने वालों पर महामारी ऐक्ट और धारा-144 के उल्लंघन के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बाबरी विध्वंस केस के आरोपी और शिवसेना के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी संतोष दुबे ने कहा कि हमने किसी भी तरह की मस्जिद नहीं गिराई बल्कि मंदिर के स्थान पर बनी ‘महाजिद’ को गिराया था। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का गर्व है। संतोष ने कहा कि कोर्ट क्या फैसला सुनाती है यह तो नहीं पता, लेकिन जो भी फैसला होगा हमें वह मंजूर होगा क्योंकि अब तो हमारा सपना साकार होने जा रहा है।

उमा भारती ने भी साफ किया है कि वह 30 सितंबर को आने वाले फैसले का सम्मान करेंगी और नतीजा जो भी हो, मगर जमानत नहीं लेंगी। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को सीबीआई की विशेष अदालत का फैसला आ रहा है और मुझे पेश होना है। अदालत का हर फैसला मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद होगा। मैंने हमेशा कहा है कि अयोध्या के लिए तो फांसी भी मंजूर है। मुझे नहीं पता कि फैसला क्या होने वाला है, मगर जो भी हो मैं जमानत नहीं लूंगी।

बाबरी विध्वंस केस में पक्षकार रहे हाजी महबूब का कहना है कि सीबीआई कोर्ट के पास पुख्ता सबूत हैं। ऐसे में आडवाणी सहित सभी आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए। राम मंदिर का फैसला कैसा आया है? फिर भी उसको हमने मान लिया है, मगर संतुष्ट नहीं हैं। मुस्लिम समाज को हक नहीं मिला। केवल 5 एकड़ जमीन दे दी गई है। जिन्होंने मस्जिद तोड़ी थी उन पर दोष सिद्ध होने पर सजा मिले, कोर्ट से मेरी यही अपील है।

बाबरी विध्वंस केस में 49 को बनाया गया था आरोपी, 17 की हो चुकी है मौत
बाबरी विध्वंस केस में सीबीआई की विशेष कोर्ट का फैसला 27 साल तक चली सुनवाई के बाद 30 सितंबर को आ रहा है। कोर्ट ने आदेश जारी किया है कि फैसले वाले दिन सभी आरोपियों को कोर्ट में मौजूद रहना अनिवार्य होगा। सीबीआई ने इस केस में 49 लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें से 17 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में कोर्ट में सभी 32 आरोपियों को मौजूद रहना होगा। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ 351 गवाह और लगभग 600 दस्तावेज पेश किए।

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3 thoughts on “बाबरी विध्वंस केस के फैसले को लेकर अयोध्या में हाई अलर्ट, शिवसेना ने कहा- हर फैसला मंजूर

  1. बहुत देर कर दी हुजूर आते आते। हमारी न्यायिक व्यवस्था का दोष है यह। कहावत है, केवल न्याय मिलना ही नहीं चाहिए बल्कि मिलते हुए दिखना चाहिए।

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