Bihar सरकार ने राज्य के गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को स्वच्छ एवं सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नवंबर तक 2.5 लाख बीपीएल और अन्य पात्र परिवारों के घरों पर मुफ्त 1 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी, जिससे लाभार्थियों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल ने बुधवार को बताया कि इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ, किफायती और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ राज्य में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों के प्रशासन और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए कार्यान्वयन एजेंसियों का चयन कर उन्हें विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। राज्य के कई हिस्सों में सोलर प्लांट लगाने का कार्य शुरू भी हो गया है और विभाग इसकी नियमित निगरानी कर रहा है, ताकि नवंबर तक 2.5 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके।
सौरभ जोरवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम बिहार सरकार की व्यापक सौर ऊर्जा नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करना, बढ़ती बिजली मांग को पूरा करना और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में केवल पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के भरोसे बिजली की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना संभव नहीं होगा, इसलिए सौर ऊर्जा जैसी अक्षय ऊर्जा आज की आवश्यकता बन गई है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार ने अगले दो वर्षों में सभी सरकारी भवनों और विद्यालयों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने की योजना तैयार की है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में सौर ऊर्जा उपकरण लगाए जाएंगे, जबकि सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और अन्य सार्वजनिक भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
जोरवाल ने कहा कि इस पहल से सरकार के बिजली खर्च में हर वर्ष करोड़ों रुपये की बचत होने की संभावना है। बचाई गई राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा के उपयोग से प्रदूषण कम होगा, जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी और गरीब परिवारों को नियमित एवं किफायती बिजली उपलब्ध होने से उनकी ऊर्जा सुरक्षा भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में 1 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की लागत सामान्यतः 45,000 से 75,000 रुपये के बीच होती है। चूंकि इस योजना के तहत पूरा खर्च बिहार सरकार उठाएगी, इसलिए यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है और सरकारी भवनों के सोलराइजेशन का लक्ष्य भी समय पर पूरा होता है, तो बिहार स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना सकता है।