उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 सितंबर को हाथरस सामूहिक बलात्कार की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि उन्होंने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने के लिए भी कहा है.
योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथरस बलात्कार मामले पर उनसे बात की. पीएम मोदी ने कहा, “अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो,”
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने हाथरस की घटना पर वार्ता की है और कहा है कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 30, 2020
हाथरस जिले के एक गाँव में दो सप्ताह पहले 19 वर्षीय एक लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. युवती ने 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में आखिरी सांस ली, जिससे लोगों में नाराजगी, विरोध है और न्याय की मांग की जा रही हैं.
गठित एसआईटी का नेतृत्व भगवान स्वरूप करेंगे. डीआईजी चंद्रप्रकाश व कमांडेंट पीएसी आगरा पूनम इसके सदस्य होंगे. अधिकारी ने कहा कि एसआईटी को सात दिनों में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है.
गौरतलब है कि हाथरस में चंदपा की दुष्कर्म पीड़िता का उसके गांव बुधवार रात में कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार कर दिया गया. इससे पहले शव को घर की जगह अंत्येष्टि स्थल पर ले जाने को लेकर गांव में विरोध शुरू हो गया. परिजन एंबुलेंस के आगे लेट गए. उनकी मांग थी कि शव को पहले घर पर ले जाया जाए. इसको लेकर लोगों की पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई.
युवती के साथ 14 सितंबर को सामूहिक बलात्कार किया गया था जिसके बाद उसे जेएन अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया था. हालत में सुधार के कोई संकेत नहीं मिलने के बाद उसे सोमवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर किया गया था.