कोसी महासेतु का उद्धाटन, रेल मंत्री ने कहा बिहार के इतिहास में स्वर्णिम दिन

समाचार राष्ट्रीय
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार में ऐतिहासिक कोसी रेल महासेतु के साथ यात्री सुविधाओं से संबंधित रेलवे की 12 परियोजनाओं का उद्घाटन किया. इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा- कि रेल कनेक्टविटी के क्षेत्र में आज इतिहास रचा गया. इन प्रोजेक्ट्स से बिहार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लोगों को इससे लाभ मिलेगा.

पीएम मोदी ने यहां संबोधन में कहा कि अटल जी की सरकार जाने के बाद इस प्रोजेक्ट की रफ्तार कम हो गई. अगर दूसरी सरकार को बिहार के लोगों की फिक्र होती और जो लोग तब रेल मंत्री थे उन्हें अगर चिंता होती तो काम पहले ही हो जाता. लेकिन वो ऐसा करना नहीं चाहते थे,

पीएम बोले कि अगर दृढ़ निश्चय हो और नीतीश जैसा साथी हो तो सबकुछ संभव है. जब नीतीश जी रेल मंत्री थे, जब पासवान जी रेल मंत्री थे, तो उन्होंने भी इस समस्या को दूर करने के लिए बहुत प्रयास किया था। लेकिन फिर एक लंबा समय वो आया, जब इस दिशा में ज्यादा काम ही नहीं किया गया।

आज बिहार में रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नया इतिहास रचा गया है। 12 अन्‍य प्रोजक्‍ट का भी लोकापर्ण किया गया। तीन हजार करोड़ के प्रोजक्‍ट के लिए सबों को बधाई। रेल मंत्रालय द्वारा किए जा रहे काम के लिए हृदय से बधाई।

बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा, ‘लॉकडाउन के दौरान बिहार के मजदूर अन्य राज्यों में फंसे हुए थे, तब आपने मजदूरों के लिए स्पेशल श्रमिक ट्रेनें चलायीं। 1371 स्पेशल ट्रेन से 19 लाख 72 हजार लोगों को निःशुल्क अपने घरों तक पहुंचाने का काम किया है।’

कार्यक्रम में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आज का दिन बिहार के इतिहास में स्वर्णिम दिन साबित होने वाला है। 1934 के भूकंप ने बिहार के कोसी क्षेत्र को मिथिलांचल से अलग कर दिया। उसी को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों से आज फिर जोड़ा जा रहा है।

बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा के पहले यह प्रधानमंत्री का चौथा उद्घाटन व शिलान्यास कार्यक्रम है। इस वर्चुअल कार्यक्रम में दिल्ली से प्रधानमंत्री के साथ रेल मंत्री पीयूष गोयल भी जुड़े हैं। कार्यक्रम में पटना से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी शिरकत कर रहे हैं।

इसके उद्घाटन के साथ निर्मली से सरायगढ़ जाने के लिए दरभंगा-समस्तीपुर-खगडि़या-मानसी-सहरसा होते हुए 298 किमी की दूरी तय करने की मजबूरी समाप्‍त हो जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि इस रेल मेगा ब्रिज के उद्घाटन के साथ क्षेत्र के लोगों की लंबी प्रतीक्षा का अंत हो जाएगा। साथ ही 86 साल पुराना उनका सपना भी साकार होगा।

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