Jharkhand में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 43.68 लाख से अधिक मतदाताओं ने गणना फॉर्म जमा नहीं किए हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार, फॉर्म जमा नहीं करने वाले मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक होने का प्रमुख कारण शहरी क्षेत्रों में कम भागीदारी है।
Jharkhand के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि गणना प्रक्रिया में ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं की भागीदारी शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 5 अगस्त को किया जाएगा। इसके बाद मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, हटिया, रांची, बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर पूर्व जैसे विधानसभा क्षेत्रों में गणना फॉर्म जमा करने की दर अपेक्षाकृत कम रही है। इन विधानसभा क्षेत्रों में हाल के विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी अपेक्षाकृत कम मतदान दर्ज किया गया था। आयोग के अनुसार, इन क्षेत्रों में फॉर्म जमा नहीं होने की अधिक संख्या का संबंध शहरी क्षेत्रों में अधिक प्रवासन और लोगों के बार-बार निवास स्थान बदलने से भी है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में एएसडीडी श्रेणी के मतदाताओं की संख्या अधिक रहने का एक प्रमुख कारण लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर लगातार स्थानांतरण और पंजीकृत पते पर मौजूद नहीं होना है। एएसडीडी श्रेणी में ऐसे मतदाताओं को शामिल किया जाता है जो अपने पंजीकृत पते पर अनुपस्थित हैं, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं या जो विदेशी नागरिक हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एएसडीडी श्रेणी में 7,63,930 मृत मतदाता, 14,55,733 अनुपस्थित मतदाता, 15,92,960 स्थानांतरित मतदाता, 4,38,584 डुप्लीकेट अथवा पहले से पंजीकृत मतदाता और 1,17,170 विदेशी नागरिक शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची के प्रारूप में हटाने के लिए प्रस्तावित किए जाएंगे, उन्हें अपना दावा या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। प्रारूप मतदाता सूची 5 अगस्त को प्रकाशित होने के बाद संबंधित मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने नाम को लेकर दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे।