इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad HC) के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश संजय यादव को नियमित मुख्य न्यायाधीश (CJ) नियुक्त किया गया है।
विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संविधान के अनुच्छेद 217 के उपबंध (एक) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए न्यायमूर्ति यादव को इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad HC) का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर के गत 13 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायमूर्ति यादव को गत 14 अप्रैल को कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एन वी रमन के नेतृत्व वाले कॉलेजियम ने पिछले माह 20 मई को न्यायमूर्ति यादव को पदोन्नति देकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी।
पांच सदस्यीय कॉलेजियम (Collegium) में शीर्ष अदालत के वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं। मौजूदा कॉलेजियम में न्यायमूर्ति रमन के अलावा न्यायमूर्ति रोहिंगटन फली नरीमन, न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ शामिल हैं।
न्यायमूर्ति यादव ने वकालत पेशे की शुरुआत 25 अगस्त 1986 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ से की थी। उन्होंने मध्य प्रदेश के उप महाधिवक्ता के रूप में भी सेवाएं दी। उन्हें दो मार्च 2007 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया था। उसके बाद 15 जनवरी 2010 को उन्हें स्थायी नियुक्ति दी गयी थी।
न्यायमूर्ति यादव ने छह अक्टूबर 2019 से दो नवम्बर 2019 तक तथा 30 सितम्बर 2020 से दो जनवरी 2021 तक मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश की भूमिका भी निभायी। उनका तबादला आठ जनवरी 2021 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय किया गया था।