राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की सेहत को लेकर राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) प्रशासन की ओर से आठ सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।
इस बोर्ड में कॉर्डियोलॉजी, मेडिसीन, रेडियोलॉजी और सर्जरी विभाग के चिकित्सकों के अलावा अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों को शामिल किया गया है। बोर्ड के सदस्य अब से कुछ ही देर में बैठक कर श्री यादव के स्वास्थ्य की विभिन्न जांच रिपोर्ट पर विचार करेंगे और उसके बाद ही यह फैसला हो पाएगा कि उनका आगे इलाज अभी रिम्स में ही जारी रखा जाए या दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) अथवा किसी अन्य बड़े चिकित्सीय संस्थान के लिए रेफर किया जाए।
श्री यादव एक कैदी के रूप में रिम्स में इलाजरत है, जिसके कारण उन्हें बाहर इलाज के लिए ले जाने में कई कानूनी अड़चन भी है, जिसे दूर करने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जा सकेगा।
अविभाजित बिहार के अरबों रुपये के चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद की तबीयत ठीक नहीं है और बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाने पर विचार किया जा रहा है।
राजद अध्यक्ष के पुत्र एवं बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने शनिवार को रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात के बाद कहा कि यादव की तबीयत ठीक नहीं, चिकित्सक जैसा सलाह देंगे वैसा किया जाएगा।
श्री यादव की चिंताजनक स्थिति की खबर मिलते ही उनकी पत्नी राबड़ी देवी, पुत्र तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव और पुत्री मीसा भारती कल ही रांची पहुंची है। चार्टेड प्लेन से कल देर शाम रांची पहुंची राबड़ी देवी अपने दोनों पुत्रों के साथ राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के पेइंग वार्ड में करीब पौने छह घंटे तक रही।
रिम्स के पेइंग वार्ड से बाहर निकलने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि पिता पहले से ही कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। उनकी उम्र भी 70 वर्ष से अधिक हो चुकी है और अब यह खबर मिल रही है कि उनके फेफड़े में भी पानी हो गया है। उन्होंने बताया कि अभी कई जांच रिपोर्ट आनी है। सभी रिपोर्ट आने के बाद और डॉक्टरों की सलाह के बाद ही उनके बेहतर स्वास्थ्य को लेकर अगला कदम उठाया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष ने राजद अध्यक्ष को दिल्ली एम्स या रांची से बाहर बेहतर चिकित्सीय संस्थान ले जाने के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि अभी कुछ भी निर्णय नहीं लिया गया है, सारी रिपोर्ट आ जाने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सांस लेने में कठिनाई होने के बाद सभी को कोरोना का शक हुआ था, लेकिन उनकी कोविड-19 जांच रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है और अब यह पता चला है कि उन्हें निमोनिया है। उन्होंने बताया कि पिछली बार जब वे अपने पिता से मिलने से आये थे, उसके बाद से उनकी सेहत में गिरावट देखने को मिली है। उनके चेहरे पर भी सूजन नजर आ रहा है।