बिलासपुर से बीकानेर जा रही ट्रेन संख्या 18245 में उस समय हड़कंप मच गया जब ट्रेन के जनरेटर कोच से अचानक धुंआ उठने लगा। यह दृश्य उज्जैन के पास तराना क्षेत्र में देखा गया, जहां यात्रियों की सतर्क निगाहों और रेलवे कर्मचारियों की तत्परता ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया और जनरेटर कोच को बाकी बोगियों से अलग कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
हालांकि आग की लपटें काफी तेज़ थीं और देखते-ही-देखते आसमान छूने लगीं, राहत की बात रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना के वीडियो और तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें ग्रामीणों को भी आग बुझाने में मदद करते हुए देखा जा सकता है। यह सामूहिक प्रयास और सजगता का एक मजबूत उदाहरण है।
गार्ड की सजगता ने बचाई सैकड़ों ज़िंदगियाँ
जानकारी के मुताबिक जब आग लगी उस समय ट्रेन काली सिंध ब्रिज पर थी। गार्ड की समय रहते की गई सूचनाओं और रेलवे की तत्काल प्रतिक्रिया ने आग को जनरेटर कोच तक ही सीमित रखा, जो आमतौर पर बिना यात्रियों के होता है। यही कारण है कि जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। रेलवे ने तुरंत मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
हालांकि आग लगने का कारण अब तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती अनुमान इसे शॉर्ट सर्किट से जुड़ा मान रहे हैं। कोई भी अधिकारी अभी तक कारण की पुष्टि नहीं कर रहा है। रेलवे ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है और उम्मीद है कि जल्द ही कारण स्पष्ट किया जाएगा।
सुरक्षा हो सर्वोच्च प्राथमिकता
यह पहली बार नहीं है जब किसी ट्रेन में आग लगी हो। अतीत में ऐसी घटनाओं ने बड़े हादसों को जन्म दिया है, जिनमें अफवाहों के कारण लोग चलती ट्रेन से कूदने तक को मजबूर हुए। यह घटना एक बार फिर सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सोच की मांग करती है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना से बचा जा सके।