पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने रविवार को पूर्व उपाध्यक्ष एवं बीरभूम के रामपुरहाट से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक आशीष बनर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि अंतिम दिनों में उन्होंने जिस ‘‘अत्यधिक मानसिक और भावनात्मक दबाव’’ का सामना किया, उससे यह त्रासदी और अधिक पीड़ादायक हो गई।
आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह रामपुरहाट स्थित उनके आवास के पास उनके राजनीतिक संगठन के कार्यालय से बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से एक पन्ने का एक नोट भी बरामद किया है, जिसमें प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उन्होंने अपने फैसले के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।
Mamata Banerjee ने रविवार को फेसबुक पर एक पोस्ट में आशीष बनर्जी को शिक्षक और समाजसेवी के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि वह रामपुरहाट और बीरभूम के लोगों से करीबी संबंध रखते थे और हमेशा अपने सरल स्वभाव के लिए जाने जाते थे।
उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी के निधन से वह बेहद व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि अपने जीवन का बड़ा हिस्सा उन्होंने शिक्षा और समाज सेवा में समर्पित भाव से बिताया तथा रामपुरहाट और बीरभूम के लोगों के साथ उनका गहरा जुड़ाव था।
Mamata Banerjee ने उनके अंतिम दिनों में कथित तौर पर झेले गए राजनीतिक और भावनात्मक दबाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी मृत्यु को और अधिक पीड़ादायक बनाने वाली बात यह है कि अंतिम दिनों में उन्होंने अत्यधिक मानसिक और भावनात्मक दबाव का सामना किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आशीष बनर्जी के राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पांच बार विधायक के रूप में सेवा की और उपाध्यक्ष तथा कैबिनेट मंत्री के पदों पर भी रहे। उन्होंने रामपुरहाट के विकास के लिए काम किया।
Mamata Banerjee ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान के बावजूद उन्हें बार-बार बदनाम किया गया, झूठे आरोप लगाए गए और लगातार दबाव का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी द्वारा कथित तौर पर झेड़े गए उत्पीड़न और मानसिक दबाव से सभी को राजनीतिक दुश्मनी की मानवीय कीमत पर विचार करना चाहिए। Mamata Banerjee ने आशीष बनर्जी के परिवार, पूर्व छात्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।