महाराष्ट्र के सांगली जिले के शिराला तहसील के बत्तीस-शिराला में सोमवार को पारंपरिक Nag Panchami का पर्व मनाया गया। इस दौरान केंद्रीय पर्यावरण विभाग, राज्य सरकार और वन विभाग की विशेष अनुमति के तहत श्रद्धालुओं को 41 जीवित सांपों के दर्शन और उनकी पारंपरिक पूजा करने की अनुमति दी गई।
बत्तीस-शिराला में Nag Panchami का पर्व कई वर्षों से जीवित सांपों की पूजा और शोभायात्रा के लिए प्रसिद्ध रहा है। हालांकि, वर्ष 2014 में उच्चतम न्यायालय द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर जीवित सांपों की पूजा, प्रदर्शनी और शोभायात्रा पर रोक लगाए जाने के बाद यहां यह आयोजन काफी सीमित कर दिया गया था।
इस वर्ष प्रशासन ने प्रतीकात्मक रूप से केवल 21 ग्रामीणों को 41 जीवित सांपों के दर्शन कराने और पारंपरिक पूजा की अनुमति दी। पिछले वर्ष 21 जीवित सांपों के दर्शन की अनुमति दी गई थी। हालांकि, जीवित सांपों को शोभायात्रा में ले जाने पर रोक इस वर्ष भी लागू रही।
इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने के साथ-साथ लोगों को पारिस्थितिकी तंत्र में सांपों के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
इस बीच, जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार श्री अंबा माता मंदिर के पुजारी ने सांप की प्रतिमा का अभिषेक और पूजन किया। इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में अंबा माता उत्सव की प्रतिमा को पालकी में लेकर शोभायात्रा निकाली गई।
जिला प्रशासन ने बत्तीस-शिराला के निवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सांप की प्रतिमाओं की पूजा कर नाग पंचमी मनाएं और सार्वजनिक रूप से जीवित सांपों के जुलूस में इस्तेमाल से पूरी तरह बचें। प्रशासन ने जीवित सांपों की सार्वजनिक शोभायात्रा पर लागू प्रतिबंध का पालन करने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए बत्तीस-शिराला में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए गए और कस्बे के सभी प्रवेश मार्ग बंद कर दिए गए। प्रशासन ने चेतावनी दी कि शोभायात्रा के दौरान किसी व्यक्ति के पास जीवित सांप पाए जाने पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मुकदमा दर्ज करने समेत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी की निगरानी में कस्बे में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। सुरक्षा व्यवस्था में 12 पुलिस निरीक्षक, 37 पुलिस उपनिरीक्षक, 437 पुलिस कांस्टेबल, 55 महिला कांस्टेबल और 60 यातायात पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इसके अलावा दंगा नियंत्रण दल की दो टीमों को भी तैनात किया गया।
शोभायात्रा के मार्ग और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी के लिए 20 सीसीटीवी कैमरे और 15 वीडियो कैमरे लगाए गए। वन विभाग ने भी जीवित सांपों के इस्तेमाल और उनके आवागमन से संबंधित प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करने के लिए करीब 150 कर्मचारियों को तैनात किया।
इस बीच, भाजपा विधायक सत्यजीत देशमुख ने बत्तीस-शिराला में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में 41 जीवित सांपों के दर्शन की अनुमति मिलने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को इन 41 सांपों से संबंधित विवरण और जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
देशमुख ने कहा कि अगले वर्ष जीवित सांपों के साथ पारंपरिक नाग पंचमी उत्सव आयोजित करने की अनुमति हासिल करने के प्रयास में सभी संबंधित साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।