इंदौर में आईटी सेक्टर को नई उड़ान, 200 कंपनियां करेंगी भविष्य के अवसरों पर चर्चा

टेक्नोलॉजी समाचार
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नवनीत जायसवाल

मध्य प्रदेश के इंदौर में 27 अप्रैल को आईटी कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर जोरों पर हैं। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य देश और विदेश की बड़ी आईटी कंपनियों को एक मंच पर लाना है। अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से कंपनियों के प्रतिनिधियों से संपर्क किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। आयोजन का स्थल ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर तय किया गया है, जहां आईटी कंपनियों के साथ स्टार्टअप्स, एआई, सेमीकंडक्टर और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख कंपनियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। लगभग 200 कंपनियों के इसमें भाग लेने की उम्मीद है।

आईटी निवेश को बढ़ावा देने की सरकार की पहल

हाल ही में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) का आयोजन हुआ था, जो पहले इंदौर में हुआ करता था। कुछ औद्योगिक समूहों ने आशंका जताई थी कि समिट के भोपाल स्थानांतरित होने से इंदौर के औद्योगिक विकास पर असर पड़ सकता है। इस प्रतिक्रिया के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव कराने का निर्णय लिया। इस कॉन्क्लेव के माध्यम से सरकार इंदौर में आईटी निवेश को फिर से नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास कर रही है।

दो नये आईटी पार्क बन रहे हैं, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

इंदौर में दो नये आईटी पार्क- आईटी पार्क-तीन और आईटी पार्क-चार का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिनका कुल क्षेत्रफल लगभग तीन हेक्टेयर होगा। इन परियोजनाओं में कुल मिलाकर 550 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। आईटी पार्क-तीन का निर्माण कार्य 38 फीसदी तक पूरा हो चुका है और इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 15,000 रोजगार उत्पन्न होंगे। वहीं, आईटी पार्क-चार का 30 फीसदी काम पूरा हो चुका है, जिसमें 500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 4,000 नये रोजगार सृजित होंगे। आईटी पार्क-तीन के दिसंबर 2025 तक और आईटी पार्क-चार के जनवरी 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

तेजी से बढ़ता इंदौर का आईटी और फिनटेक सेक्टर

इंदौर का आईटी निर्यात 18,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुका है। शहर में टीसीएस, इंफोसिस, यश टेक्नोलॉजीज, इन्फोबीन्स और इम्पेटस जैसी 300 से अधिक आईटी और बीपीओ कंपनियां संचालित हो रही हैं। इसके अलावा, इंदौर में 1,000 से ज्यादा आईटी स्टार्टअप भी सक्रिय हैं। सरकार का लक्ष्य माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और आईबीएम जैसी वैश्विक आईटी कंपनियों को इंदौर में बड़े सेंटर स्थापित करने के लिए आकर्षित करना है। इसके साथ ही शहर के पास 400 हेक्टेयर का एक नया आईटी और फिनटेक जोन विकसित करने की योजना भी बनाई गई है।

इंदौर बन रहा है भारत का नया आईटी हब

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इंदौर अब बी-कैटेगरी आईटी हब्स में सबसे ऊपर आ गया है, और अहमदाबाद, नागपुर, जयपुर, वडोदरा और रायपुर जैसे शहरों को पीछे छोड़ चुका है। शहर के निरंतर विकास को बनाए रखने के लिए अगले तीन वर्षों में कम से कम एक एसईजेड और दो गैर-एसईजेड आईटी पार्कों की आवश्यकता होगी। इंदौर का लगातार बढ़ता आईटी आधार इसे राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से उभरते हुए आईटी केंद्रों में से एक बना रहा है।

क्यों आईटी कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है इंदौर

इंदौर में ऑपरेशनल कॉस्ट बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों की तुलना में काफी कम है। साथ ही, इंदौर की हवाई कनेक्टिविटी भी मजबूत है, जिसमें 90 से अधिक दैनिक उड़ानों के जरिये 26 शहरों से सीधा संपर्क है। शारजाह के लिए सीधी उड़ान चालू हो चुकी है और जल्द ही बैंकॉक, सिंगापुर और दुबई के लिए भी उड़ानें शुरू होंगी। इंदौर लगातार सात बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर बन चुका है, जिससे यह पेशेवरों के लिए बेहद आकर्षक बन गया है। यहां का कॉम्पैक्ट सिटी लेआउट यातायात को सरल बनाता है और विविध भोजन विकल्प भी युवाओं को लुभाते हैं। इसके अलावा, इंदौर देश का इकलौता शहर है जहां एक साथ आईआईटी और आईआईएम दोनों मौजूद हैं, जो इसे प्रतिभाशाली पेशेवरों के लिए स्वर्ग बनाता है।

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