अब से अगर कोई यूपी में महिलाओं से छेड़खानी, दुर्व्यवहार या यौन अपराध करता है तो उसके पोस्टर शहरों में चौराहों पर लगेंगे. योगी सरकार ने दावा किया है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए एंटी रोमियो स्क्वायड ने बेहतरीन काम किया. इसी को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ये बड़ा आदेश जारी किया. इससे पहले दंगाईयों के पोस्टर लगे थे.
सरकार का कहना है कि ऐसा कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि किसी भी बच्चियों के और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को पूरा समाज जान सके और अपमानित होने के बाद ऐसी गलती वह दुबारा ना दोहराए.
बता दें कि ये काम उसी तर्ज पर किया जाएगा जैसे नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले आरोपियों के पोस्टर शहरों के प्रमुख चौराहों पर लगाए गए थे. इस आदेश के तहत अब महिलाओं से दुर्व्यवहार करने वालों को महिला पुलिसकर्मियों से ही दंडित कराया जाएगा.
Eve-teasers, those guilty of crime against women & habitual offenders in cases of sex-related crimes will now find their posters on road crossings in #UP. Acc to govt spokesman, CM #YogiAdityanath directed officials to launch 'Operation Durachari' to check crime against women. pic.twitter.com/3SINLbTuhJ
— IANS (@ians_india) September 24, 2020
सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को महिलाओं के खिलाफ अपराध की जाँच के लिए ‘ऑपरेशन दुरचारी’ शुरू करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि महिला पुलिस कर्मियों को ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा जाना चाहिए और उनकी तस्वीरों को नाम देने और उन्हें शर्मसार करने के लिए क्रॉसिंग पर चिपकाया जाना चाहिए.
मुख्यमंत्री प्रवक्ता ने आगे कहा कि लोगों को यह जानना चाहिए कि समाज में माहौल को खराब करने वाले और महिलाओं के खिलाफ अपराध में लिप्त व्यक्ति कौन हैं .उन्होंने आगे कहा कि यदि महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित कोई भी घटना होती है, तो बीट प्रभारी, चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी और सर्कल अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया कि एंटी रोमियो स्क्वॉड को और अधिक सक्रिय और मजबूत किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं के खिलाफ अपराध की जांच करने की रणनीति तेजी से प्रभावी हो.