हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलने उनके गांव बुलगढ़ी गए राष्ट्रीय लोक दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां भांजी। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद जयंत चौधरी को कार्यकर्ताओं ने घेरा बनाकर बचाया। इस घटना के बाद रालोद के नेता राज्य सरकार पर भड़क गए हैं।
उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि पुलिस की लाठी के दाम पर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। वहीं इस पूरे प्रकरण का वीडियो ट्वीट करते हुए जयंत चौधरी ने लिखा है, ‘अगर आपका लाठी चलाने का हक है। मेरा अपने लोगों के साथ खड़े होने का हक है। खूब लाठी चलाओ। हमारा निश्चय उतना ही मज़बूत होगा! 8 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर में मिलेंगे! #लोकतंत्र_बचाओ’
अगर आपका लाठी चलाने का हक है
मेरा अपने लोगों के साथ खड़े होने का हक है!खूब लाठी चलाओ, हमारा निश्चय उतना ही मज़बूत होगा!
8 अक्टूबर को मुज़फ़्फ़रनगर में मिलेंगे!#लोकतंत्र_बचाओ pic.twitter.com/LWo0aYqbL2
— Jayant Singh (@jayantrld) October 4, 2020
दरअसल, रविवार को जयंत चौधरी गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान सिर्फ पांच लोगों को अंदर जाने की पुलिस ने अनुमति दी थी। बैरिकेडिंग के पास से जब जयंत चौधरी गुजर रहे थे, तभी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए अंदर जाने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं को रुकता नहीं देख पुलिस वालों ने जमकर लाठियां भांजी। इसमें पार्टी के कई कार्यकर्ता घायल हो गए और जयंत चौधरी बाल-बाल बचे। बाद में जयंत चौधरी ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और सरकार से न्याय की मांग की।
रालोद कार्यकर्ताओं औप जयंत चौधरी के साथ हुई इस घटना पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने कहा कि प्रदेश की जनता ने भारी बहुमत की सरकार रोजगार और विकास की दृष्टि से बनाई थी लेकिन इस सरकार ने प्रदेश में अपराधों की बाढ़ ला दी है। हर जिले में मासूम बच्चियों, छात्राओं और महिलाओं के साथ अपहरण, बलात्कार और हत्याओं की बाढ़ आ गई है।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा कि हाथरस में पीड़ित परिवार के घर संवेदना व्यक्त करने जा रहे जयंत चौधरी और रालोद कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बर्बरता से लाठीचार्ज किया है। पार्टी इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करती है। सरकार इस लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित करे।