बेटी पढ़ाओ, स्वस्थ जीवन अपनाओ: बेटियों की डिजिटल एजुकेशन और डायबिटीज़ जागरूकता की ओर एक सार्थक पहल

समाचार राष्ट्रीय
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अमृतसर जिले के गांव तलवंडी खुमन स्थित भाई फिरंदा जी गुरमत विद्यालय में अब गुरबानी, संथिया और तंती साज़ की विद्या के साथ-साथ बच्चों को तकनीकी शिक्षा से भी सशक्त किया जाएगा। इसी दिशा में कदम उठाते हुए, विद्यालय में श्रंखला फाउंडेशन और थिंकशार्प फाउंडेशन के सहयोग से कंप्यूटर लैब की शुरुआत की जा रही है, जो विशेष रूप से बेटियों की उच्च शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण को समर्पित है।

इस कंप्यूटर लैब का उद्घाटन 10 जुलाई को तख्त श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज जी के कर कमलों द्वारा किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियाँ को भी फ्री तकनीकी शिक्षा देना है। प्रीतपाल सिंह ने बताया कि भविष्य में AI और कोडिंग जैसी उन्नत डिजिटल स्किल्स के लिए भी लैब्स खोले जाएंगे और साथ ही और गांव के बालकों को भी इस तरह की फ्री लैब्स में पढ़ाया जाएगा ताकि वे किसी भी स्तर पर पीछे न रहें।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी एक पहल – डायबिटीज़ जागरूकता कैंप

इसी दिन, समाज में तेजी से बढ़ रही डायबिटीज़ (शुगर) की समस्या के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष डायबिटीज कैंप का भी आयोजन किया जाएगा। यह कैंप अमेरिका स्थित हेल्थकेयर संस्था “Heald” के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

पंजाब में डायबिटीज एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है, जहां बड़ी संख्या में लोग आज भी झोलाछाप डॉक्टरों और घरेलू नुस्खों के भरोसे इलाज करवा रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ती है। ऐसे में इस तरह के कैंप लोगों को वैज्ञानिक जानकारी, समय पर जांच और व्यावसायिक परामर्श उपलब्ध कराते हैं।

इस विशेष कैंप में अमेरिका से आए Heald के फॉउंडर और सीईओ डॉ. प्रीतपाल सिंह, भारत के स्थानीय डॉक्टरों के साथ मिलकर ग्रामीणों को डायबिटीज से जुड़ी जानकारियां देंगे, जैसे कि शुरुआती लक्षण, जांच प्रक्रिया, खानपान में बदलाव और बीमारी को कैसे रोका और नियंत्रित किया जाए। इसके साथ ही लोगों कि मुफ्त जाँच भी कराई जाएगी।

भविष्य की ओर एक मजबूत कदम

भाई फिरंदा जी गुरमत विद्यालय की यह दोहरी पहल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में गांव तलवंडी खुमन ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरेगी। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में इसी तरह की और भी लैब्स अन्य गांवों में स्थापित की जाएंगी, जहां बच्चों को आधुनिक डिजिटल कौशल जैसे AI, मशीन लर्निंग और कोडिंग की मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी।

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