रेलवे बोर्ड के सीईओ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी मंडल के विकास कार्यों को जाना

समाचार प्रादेशिक
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वाराणसी: रेलवे बोर्ड के सीईओ व चेयरमैन विनोद यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल में प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान निर्माण कार्य की प्रगति, समयबद्धता और उनकी गुणवत्ता को लेकर रेलवे अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

डीआरएम वीके पंजियार ने सीईओ को बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे के निर्माण संगठन द्वारा कराए जा रहे औंड़िहार-छपरा के बीच दोहरीकरण के कार्य में लॉकडाउन के बावजूद अच्छी प्रगति दर्ज की गई। इसी क्रम में औंड़िहार-तरांव का दोहरीकरण का कार्य अंतिम चरण में है, यह सेक्शन एक महीने के अन्दर चालू कर दिया जाएगा। तरांव-अंकुशपुर के मध्य भी दोहरीकरण का कार्य जोरों से चल रहा है। इस दौरान औंड़िहार से छपरा दोहरीकरण क्रम में कुछ रेलवे स्टेशनों में परिचालन की दृष्टि से बदलाव किये गये हैं। उपरोक्त परिचालन में बदलाव सिर्फ गाड़ियों के बेहतर संचालन के मद्देनजर ही किया गया है, जिससे कि समय पालन में वाँछित सुधार किया जा सके।

यहाँ यात्री सुविधा जैसे- स्टेशन भवन, प्लेटफार्म, पानी की व्यवस्था, सर्कुलाटिंग एरिया तथा बैठने की व्यवस्था में कोई कमी नहीं की जाएगी, बल्कि इन सुविधाओं में और बेहतरी की जाएगी। उपरोक्त दोहरीकरण परियोजना के क्रम में स्टेशनों पर हाई लेवल प्लेटफार्म तथा फुट ओवर ब्रिज इत्यादि का भी निर्माण कराया जा रहा है जिससे कि यात्रियों को बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।

नए कलेवर में दौड़ी कृषक व चौरीचौरा स्पेशल ट्रेन

तीसरे चरण के तहत घोषित कोविड स्पेशल ट्रेनों में शामिल कृषक, बुंदेलखंड का संचालन रविवार से शुरू हो गया। खास यह है कि कृषक स्पेशल और चौरीचौरा स्पेशल ट्रेन नए कलेवर में वाराणसी सिटी स्टेशन से प्रस्थान हुई। लॉकडाउन की अवधि में औड़िहार- भटनी रेलखंड का बिजलीकरण होने से पहली बार इनमें डीजल इंजन के बदले इलेक्ट्रिक इंजन लगाया गया था। गोरखपुर रूट की सबसे ज्यादा डिमांडेड इन ट्रेनों के पुनः संचालन से दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

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