SC ने कलीखो पुल के निधन की CBI जांच संबंधी याचिका की सुनवाई से किया इनकार

LAW SECTION न्यायालय
Spread the love

SC (Supreme Court) ने अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कलीखो पुल (Kalikho Pul) के अप्राकृतिक निधन की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराये जाने संबंधी याचिका पर सुनवाई से गुरुवार को इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित (Justice Lalit), न्यायमूर्ति के एम जोसेफ (Justice Joseph) और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी (Justice Banerjee) की खंडपीठ ने गैर सरकारी संगठन (NGO) ‘सोशल विजिलेंस टीम’ की याचिका की सुनवाई से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि आपराधिक मामले में अनुच्छेद 32 के तहत जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई कैसे की जा सकती है, जबकि याचिकाकर्ता का मृतक से कोई लेना-देना नहीं है।
Justice Lalit ने सुनवाई के दौरान कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी ने 2017 में एक याचिका दायर की थी, तब वह उस खंडपीठ का हिस्सा थे, जिसने इसकी सुनवाई की थी। SC ने कहा कि दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी ने यह कहते हुए याचिका वापस ले ली थी कि वह अपनी फरियाद लेकर राष्ट्रपति के पास जाएंगी।
SC ने याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश हो रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे से पूछा कि उस मामले का क्या हुआ? इस पर श्री दवे ने कहा कि उस मामले में कुछ नहीं हुआ। तब न्यायमूर्ति ललित ने कहा कि यह पीआईएल किसी अनजान के द्वारा दायर की गयी है, जिसका कलीखो पुल से कोई संबंध नहीं है।
न्यायालय ने याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने और किसी अन्य मंच पर जाने की सलाह दी, जिसके बाद उसने याचिका वापस ले ली।
कांग्रेस के बागी विधायकों और भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से कलीखो पुल फरवरी 2016 में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। जुलाई 2016 में उन्हें उस वक्त पद त्यागना पड़ा था, जब शीर्ष अदालत ने फैसला दिया था कि दिसम्बर 2015 में राज्य के राज्यपाल द्वारा विधानसभा को भंग किया जाना गैर-कानूनी तथा अवैध था। उसके बाद नौ अगस्त 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री अपने घर में मृत पाये गये थे और उन्होंने कथित तौर पर एक Suicide Note भी छोड़ा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *