नयी दिल्ली : कोरोना महामारी के कारण गत मार्च में बंद हुए देश भर के स्कूलों को करीब छह माह के बाद आंशिक तौर पर कल से खोला जा रहा है, लेकिन यह आदेश अनिवार्य रूप से पालन करना जरूरी नहीं है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार नौवीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को अपने अभिभावकों की सहमति के साथ जाने का विकल्प दिया गया है। हालांकि कोरोना महामारी की भयावहता को देखते हुए दिल्ली समेत कई राज्यों ने स्कूल पांच अक्टूबर तक बंद रखने का फैसला लिया है। जिन राज्यों ने आंशिक रूप से स्कूल खोलने का निर्णय लिया है, उन्हें विभिन्न दिशानिर्देशों का पालन करना पड़ेगा, साथ ही स्कूल जाने वाले बच्चों को भी कई निर्देशों पर अमल करना होगा।
एसओपी के अनुसार, स्कूलों में भी सुरक्षा को लेकर सभी उपाय अपनाए जा रहे हैं। स्कूल के प्रवेश और निकास द्वार पर छात्रों और शिक्षकों को शरीर के तापमान की जांच के बाद ही अंदर भेजा जाएगा। छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को शारीरिक दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों को दोपहर के भोजन और पानी की बोतलों के साथ मास्क और सैनिटाइज़र भी लाना होगा। स्कूल बंद रखने वाले अन्य राज्यों में असम, गोवा और गुजरात भी शामिल हैं।
50 प्रतिशत शिक्षण स्टाफ की अनुमति
अनलॉक -4 में स्कूलों को खोलने के लिए कुछ सुविधाएं प्रदान की गयी हैं जो मार्च से बंद हो गई थी। इसके तहत, 21 सितंबर से, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्कूलों में 50 प्रतिशत शिक्षण स्टाफ के साथ स्कूल खोलने की अनुमति दी गई हैं. इस अवधि के दौरान, कक्षा 9 से 12 तक के छात्र शिक्षकों की सहमति के बाद स्कूल जा सकेंगे। हालांकि, इस बीच, दिल्ली सरकार ने अपने स्कूलों को 5 अक्टूबर तक बंद करने की घोषणा की है।
माता-पिता के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
इस बीच, केंद्रीय विद्यालय की ओर से अभिभावकों को स्कूल खोलने की पूरी योजना भेज दी गई है। इसमें कहा गया है कि माता-पिता स्वेच्छा से अपने बच्चों को स्कूल भेज सकते हैं। खुद अभिभावकों पर बच्चों को स्कूल से लाने और ले जाने की पूरी जिम्मेदारी होगी। केंद्रीय विद्यालयों से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि किसी भी बच्चे पर स्कूल आने का कोई दबाव नहीं होगा। हालांकि, जो लोग आना चाहते हैं, उन्हें पहले कॉल करके इस संबंध में जानकारी देनी होगी। इसके तहत 11 वीं और 12 वीं के बच्चों को केवल सोमवार और मंगलवार को आना होगा। दसवीं के बच्चों को बुधवार और गुरुवार को आना होगा और शुक्रवार-शनिवार को नौवें के बच्चों को।
इन बातों का रखना होगा ध्यान
–स्कूल में एक-दूसरे से 6 फीट की दूरी बनाए रखनी होगी।
–फेस मास्क पहनना अनिवार्य है।
–समय-समय पर साबुन से हाथ धोना और एल्कोहॉल बेसड सैनिटाइज़र का उपयोग करना आवश्यक है।
–छींकते, खांसते समय मुंह और नाक ढकना अनिवार्य है।
–यदि आप बीमार महसूस करते हैं, तो आपको तुरंत इससे संबंधित अधिकारी को सूचित करना होगा।
–कैंपस में कहीं भी थूकना पूरी तरह से मना होगा।