राज्य फुटबॉल संघों को 20 अक्टूबर तक चुनाव कराने होंगे : AIFF

खेल राष्ट्रीय
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अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने जम्मू-कश्मीर फुटबॉल संघ (JKFA) समेत उन सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश फुटबॉल संघों को 20 अक्टूबर तक चुनाव कराने का निर्देश दिया है, जिनके चुनाव लंबित हैं। निर्धारित समयसीमा में चुनाव नहीं कराने पर राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम (NSGA) के तहत संबंधित संघों की AIFF से संबद्धता और AIFF के तहत आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी प्रभावित हो सकती है।

JKFA के चुनाव वर्ष 2022 से प्रशासनिक विवादों, अदालती मामलों और लंबे समय से जारी तदर्थ व्यवस्थाओं के कारण लंबित हैं। हाल में क्षेत्रीय हितधारकों और AIFF के बीच पत्राचार और बैठकें हुई हैं, जिनका उद्देश्य JKFA के संविधान को AIFF के मॉडल संविधान के अनुरूप बनाना और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष लोकतांत्रिक चुनाव का रास्ता तैयार करना है।

AIFF के उप महासचिव एम. सत्यनारायण ने कहा कि यदि 20 अक्टूबर तक JKFA समेत उन सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इकाइयों में चुनाव नहीं होते, जहां चुनाव लंबित हैं, तो NSGA के तहत उनकी AIFF से संबद्धता प्रभावित होगी।

उन्होंने कहा कि यदि राज्य के अधिकारी, क्लब और जिला संघों समेत सभी हितधारक AIFF के संविधान की तर्ज पर नए संविधान को स्वीकार कर एकजुट होते हैं तो चुनाव कराए जा सकते हैं और जेकेएफए राष्ट्रीय स्तर की प्रशासनिक तथा फुटबॉल गतिविधियों में अपनी भागीदारी की स्थिति बहाल कर सकता है।

सत्यनारायण ने कहा कि ऐसे संघ की टीमों को AIFF की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति देना मुश्किल होगा, जिसका संचालन विधिवत और पारदर्शी तरीके से निर्वाचित निकाय द्वारा नहीं किया जा रहा हो।

उन्होंने कहा कि AIFF ने संबंधित संघों को चुनाव कराने के लिए पर्याप्त समय दिया है और अधिकांश संघों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर चुनाव कराने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह तक तीन सदस्यीय AIFF चुनाव पैनल के तहत राज्य संघों की मदद से रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संपर्क करेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया अनिवार्य है और 20 अक्टूबर की समयसीमा के बाद किसी भी राज्य संघ को तदर्थ निकाय या समिति के माध्यम से संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सत्यनारायण ने कहा कि जम्मू-कश्मीर फुटबॉल संघ समेत सभी लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित संघों को AIFF की संबद्ध इकाइयों के रूप में मान्यता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगस्त से अक्टूबर तक तीन महीने का समय चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त है और एआईएफएफ द्वारा अपनाए गए संविधान का मसौदा सभी राज्य संघों को भेजा गया है, जिसे उनके लिए मॉडल के रूप में इस्तेमाल किया जाना है।

उन्होंने खेल प्रशासकों से पारदर्शी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से निर्वाचित निकाय गठित करने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि विवाद लगातार जारी रहते हैं तो AIFF अपने संविधान के अनुसार निर्णय लेगा।

सत्यनारायण ने कहा कि यदि कुछ नेता अपने खिलाड़ियों के कल्याण के बजाय पदों के लिए आपसी विवाद में लगे रहते हैं तो वास्तविक हितधारकों को आगे आकर चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फुटबॉल में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और राज्य इकाइयां ही संघों का संचालन करती हैं, इसलिए क्लबों को चुनाव कराने के लिए एकजुट होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि खेल संबंधी विवादों के लिए राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण की स्थापना के बाद लंबे समय तक अदालतों में मामलों को लंबित रखने की आवश्यकता नहीं रह गई है। राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण को खेल प्रशासन से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए एक समर्पित न्यायिक मंच के रूप में स्थापित किया गया है।

वन-डिस्ट्रिक्ट-वन-वोट के मुद्दे पर सत्यनारायण ने कहा कि राज्य के क्लब और जिला इकाइयों को एकमत होना होगा तथा राज्य संघ के गठन के लिए कुल सक्रिय जिलों में से 50 प्रतिशत का मतदान आवश्यक होगा।

केंद्र सरकार ने इस वर्ष मई में राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के तहत राष्ट्रीय खेल शासन (राष्ट्रीय खेल बोर्ड) नियम, 2026 और राष्ट्रीय खेल शासन (राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण) नियम, 2026 अधिसूचित किए थे।

राष्ट्रीय खेल शासन (राष्ट्रीय खेल बोर्ड) नियम, 2026 के तहत राष्ट्रीय खेल निकायों को मान्यता देने और शासन, वित्तीय तथा नैतिक मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रीय प्राधिकरण का प्रावधान किया गया है।

वहीं, राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण का उद्देश्य खेल संबंधी विवादों के लिए एक समर्पित न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है, ताकि नागरिक अदालतों पर निर्भरता कम हो और खेल प्रशासन एवं शासन से जुड़े मामलों का स्वतंत्र, त्वरित, प्रभावी और कम लागत में समाधान हो सके। इससे मुकदमों के कई स्तरों को कम करने और खेल विवादों के तेज एवं सुलभ समाधान के लिए एकल मंच उपलब्ध कराने की भी उम्मीद है।

नौ अगस्त को जम्मू-कश्मीर में फुटबॉल से जुड़े हितधारकों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें मौजूदा स्थिति और जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक, एकजुट तथा प्रभावी फुटबॉल प्रशासन बहाल करने के रास्ते पर चर्चा की गई।

बैठक में जेकेएफए चुनाव, चुनाव में लंबे समय से हो रही देरी के कारणों, मौजूदा विवादों के संभावित समाधान, संघ की संवैधानिक स्थिति और आगे की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।

हितधारकों ने नई दिल्ली स्थित AIFF मुख्यालय में अधिकारियों से भी मुलाकात की और आगामी JKFA चुनाव, उनसे जुड़ी जटिलताओं तथा संभावित चुनौतियों और बाधाओं पर चर्चा की।

हितधारकों ने जम्मू-कश्मीर में फुटबॉल के पुनरुद्धार और विकास के लिए सामूहिक रूप से काम करने तथा खेल और खिलाड़ियों के व्यापक हित में लोकतांत्रिक प्रशासन बहाल करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

 

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