RBI के रेपो दर पर यथास्थिति के फैसले के बाद शेयर बाजार सपाट बंद

राष्ट्रीय
Spread the love

RBI की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा रेपो रेट को अपरिवर्तित रखने के फैसले के बावजूद प्रमुख सूचकांकों में सीमित उतार-चढ़ाव रहा और बाजार कुल मिलाकर तटस्थ रुख के साथ बंद हुआ।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 152.05 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 78,581.00 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 9.75 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,624.65 अंक पर रहा।

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले कारोबारी सत्र के 489.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 492 लाख करोड़ रुपये हो गया।

निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और एनटीपीसी प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। इनमें करीब दो से तीन प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर टीसीएस, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, सन फार्मा और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में रहे।

क्षेत्रीय सूचकांकों में निफ्टी मेटल में 1.72 प्रतिशत, ऑटो में 1.27 प्रतिशत, रियल्टी में 0.84 प्रतिशत और पीएसयू बैंक में 0.72 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके विपरीत निफ्टी मीडिया 1.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला क्षेत्रीय सूचकांक रहा। निफ्टी बैंक में भी 0.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

अलग-अलग शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो हिंदुस्तान कॉपर 8.3 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाला शेयर रहा। इंजीनियर्स इंडिया में भी खरीदारी का रुझान देखने को मिला और शेयर करीब सात प्रतिशत चढ़ा। धातु क्षेत्र के शेयरों में हिंदुस्तान जिंक, जीएमडीसी और वेदांता में तीन प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के प्रमुख शोधकर्ता विनोद नायर ने कहा कि RBI की एमपीसी ने नीतिगत दरों में यथास्थिति बनाए रखी है और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान में मामूली सुधार किया है। उन्होंने कहा कि यह घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि वार्षिक मुद्रास्फीति के अनुमान में भी कमी की गई है। उनके अनुसार, RBI गवर्नर के रुख से नीतिगत फैसलों के प्रति खुले दृष्टिकोण का संकेत मिलता है, हालांकि आगे की कार्रवाई आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

विनोद नायर ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर नई चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। इसके चलते भारतीय बाजार, जो कारोबार की शुरुआत में मजबूत स्थिति में थे, सत्र के दौरान धीरे-धीरे नीचे आ गए।

उन्होंने कहा कि व्यापक बाजार के रुझान से अलग रियल्टी और ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। त्योहारों के मौसम से पहले मजबूत मांग की उम्मीद और अनुकूल वित्तीय परिस्थितियों से इन क्षेत्रों को समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि बेहतर जीडीपी वृद्धि के परिदृश्य और घरेलू मांग की मजबूती के कारण धातु शेयरों में भी तेजी देखने को मिली।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आरबीआई द्वारा रेपो रेट को यथावत रखने का फैसला बाजार के लिए पहले से अपेक्षित था। इसलिए नीतिगत घोषणा के बाद प्रमुख सूचकांकों में बड़ी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली और कारोबार के अंत तक बाजार सीमित दायरे में बना रहा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *