टाटा समूह शेयर विवाद : सुप्रीम कोर्ट का यथास्थिति बनाये रखने का आदेश

समाचार न्यायालय
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नयी दिल्ली:  सुप्रीम कोर्ट ने सायरस मिस्त्री के एस पी समूह को फंड जुटाने के लिए टाटा सन्स (TATA SONS) का अपना कोई भी शेयर रेहन रखने से प्रतिबंधित कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रमासुब्रमण्यम की खंडपीठ ने टाटा समूह की उस याचिका की सुनवाई के दौरान मंगलवार को यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश जारी किया, जिसमें एसपी समूह द्वारा फंड जुटाने के लिए टाटा सन्स में अपने शेयरों को बंधक रखने के निर्णय को चुनौती दी गयी है।
टाटा समूह ने शेयर बेचने के सायरस मिस्त्री की कंपनी एसपी समूह के कदम का यह कहते हुए विरोध किया कि टाटा सन्स के आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन (एओए)के अनुसार एसपी समूह, टाटा को राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल (ROFR) का अधिकार दिये बिना शेयरों को हस्तांतरित करने से प्रतिबंधित करता है।
टाटा समूह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने खंडपीठ से कहा कि यदि एसपी समूह शेयरों को बेचना चाहती है तो टाटा उसे खरीदने को इच्छुक है। हालांकि सायरस मिस्त्री की कंपनी ने शेयरों को बेचने के बजाय रेहन रखकर फंड इकट्ठा करने का निर्णय लिया है।
एसपी समूह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता आर्यम सुन्दरम ने श्री साल्वे की दलीलों का पुरजोर विरोध किया। श्री सुन्दरम ने कहा कि आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में शेयरों के हस्तांतरण पर रोक का प्रावधान है, न कि उसे रेहन रखने पर।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति बोबडे ने यथास्थिति का आदेश जारी करते हुए सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख मुकर्रर की।

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