सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश को शुक्रवार को संशोधित कर दिया जिसमें उसने राज्य में पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया था।
न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अवकाशकालीन खंडपीठ ने तेलंगाना फायरवर्क्स डीलर्स एसोसिएशन (टीएफडब्ल्यूडीए) की अपील पर अंतरिम आदेश जारी किया।
एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के 12 नवम्बर के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है, जिसमें उसने तेलंगाना सरकार को राज्य में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिये थे।
शीर्ष अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देश तेलंगाना राज्य पर लागू होते हैं और राज्य उसकी भावना के तहत निर्देशों का पालन करेगा।
एनजीटी के दिशानिर्देशों के अनुसार, देश के उन शहरों में नौ-10 नवम्बर की मध्यरात्रि से 30 नवम्बर-एक दिसम्बर की मध्यरात्रि तक पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा, जहां हवा की गुणवत्ता खराब है। एनजीटी ने कहा था कि जिन स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ठीक हो तो वहां त्योहारों के दौरान दो घंटे के लिए ग्रीन पटाखे के इस्तेमाल और बिक्री की छूट होगी।