पंचकुला जिले के बाहरी इलाके में स्थित मोरनी हिल्स देश भर के पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। पहाड़ियों को घने जंगलों और लहलहाती हरियाली से समृद्ध किया गया है जो आपको उस स्थान के प्राकृतिक सार को महसूस करने के लिए जगह देता है। मोरनी हरियाणा राज्य का एक गांव है जो हिमालय के दृश्यों, वनस्पतियों की अनूठी प्रजातियों और सुंदर भू-दृश्यों का घर है। ऐसा माना जाता है कि मोरनी नाम की एक रानी कई दशक पहले इस स्थान पर शासन करती थी और रानी के सम्मान में पहाड़ियों का नाम मोरनी रखा गया था।
मोरनी के पांडव तालों का अपना एक इतिहास है। अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने शिवालिक की पहाड़ियों में अपनी जिंदगी व्यतीत की थी, लेकिन काफी कम लोगों को पता है कि पांडवों की अज्ञातवास स्थली की सीमारेखा मोरनी हिल्स और मौजूदा पिंजौर तक सीमित थी।
मोरनी हिल्स में बड़ों के लिए बोटिंग और पैरा सेलिंग तो बच्चों के लिए ढेर सारे खेल हैं। यहां मौजूद हिल्स एन थ्रिल्स पार्क में रोमांचित और रोंगटे खड़े कर देने वाली एक से बढ़ कर एक चीजें हैं। ट्रैकिंग के लिए साफ-सुथरे और चलते जाने के लिए उत्साहित करते रहने वाले ट्रैक हैं तो दूसरी तरफ प्रकृति प्रेमियों के लिए टिक्कर ताल किनारे बैठ कर पहाड़ और उसके ऊपर अक्सर छा जाने वाले बादलों की खूबसूरती भी है। एक दूरबीन यहां पूरे परिवार की प्रिय बन जाती है, क्योंकि मोर, तीतर, बटेर, जंगली मुर्गियों आदि से लेकर तरह-तरह के फूलों और उन पर मंडराती तितलियों को देखना यहां हर किसी को आनंदित करता है। यहां पहुंचकर पर्यटकों को थोड़ी देर के लिए ऐसा लगता है मानो भीड़ भाड़ की दुनिया से कहीं दूर, प्रकृति की गोद में हैं।

गुरुद्वारा नाडा साहिब
मोरनी हिल्स अपने धार्मिक महत्व के लिए भी मशहूर है इसलिए आप यहां कई धार्मिक जगहों पर घूम सकते हैं. यहां से 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुरुद्वारा नाडा साहिब यहां के प्रसिद्ध स्थलों में गिना जाता है, जो सिखों का एक पवित्र स्थान है. आनंदपुर साहिब की यात्रा के दौरान गुरु गोबिंद सिंह इस स्थल पर ठहरे थे. यह एक शानदार स्थल है, जिसका अद्भुत वातावरण इसे भारत के चुनिंदा खास गुरुद्वारों में शामिल करता है. शिवालिक पहाड़ियों के साथ यह स्थल बहुत ही खूबसूरत नजर आता है.
ठाकुरद्वार मंदिर
आप यहां के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ठाकुरद्वार मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं. यह मंदिर यहां के पवित्र स्थलों में गिना जाता है. मंदिर के दर्शन करने के लिए यहां श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटक भी आते हैं. माना जाता है कि यह मंदिर पांडवों के काल का है
मोरनी किला
मोरनी हिल्स में घूमने के दौरान आप यहां के प्राचीन किले को भी देख सकते हैं. मोरनी फोर्ट के नाम से प्रसिद्ध यह किला यहां की पहाड़ी पर स्थित है. यह काफी ऊंचाई पर स्थित है इसलिए आप यहां से आसपास के खूबसूरत नजारों का आनंद ले सकते हैं. जानकारी के अनुसार इस किले का निर्माण 17वीं शताब्दी के आसपास किया गया था. पर्यटकों के लिए इस किले को दोबारा से बनाया गया है, लेकिन इस किले ने अपनी ऐतिहासिक महत्व को नहीं खोया है. यहां आप भगवान शिव को समर्पित मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं.
कैसे पहुंचें?
हवाई मार्ग से: नजदीकी हवाई अड्डा चंडीगढ़ सिर्फ 38 किलोमीटर की दूरी पर है। दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए दिन भर में अनेक उड़ानें हैं।
रेल मार्ग से : नजदीकी रेलवे स्टेशन चंडीगढ़ सिर्फ 35 किलोमीटर की दूरी पर है। दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए शताब्दी, जन शताब्दी से लेकर अनेक सुपरफास्ट और मेल गाड़ियां चलती हैं।
सड़क मार्ग से : पंचकुला से मोरनी गांव तक बस से पहुंचा जा सकता है। पंचकुला बस अड्डे से मोरनी गांव की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है। मोरनी गांव से टैक्सी, ऑटो आदि से एडवेंचर पार्क तक की 6 किलोमीटर की दूरी तय की जा सकती है।