सु्शांत की मौत के बाद जिस तरीके से ड्रग्स कनेक्शन बॉलीवुड में खुलकर सामने आए है, यह अपने आप में एक आश्चर्यचकित करने वाला मामला है। अक्सर हमने कई अभिनेताओं को धूम्रपान और नशा न करने के लिए विज्ञापन करते देखा है, लेकिन ये विज्ञापन उनके लिए सिर्फ एक विज्ञापन मात्र हैं और उनकी कमाई का जरिया भी। सेलिब्रिटी से विज्ञापन इसलिए कराया जाता है क्योंकि हमारे देश के युवा इनके सोशल मीडिया अकांउट के अलावा कहीं ना कहीं इन्हें अपनी निजी जिंदगी में भी फॉलो करते हैं, लेकिन यहां तो पूरा का पूरा बॉलीवुड नशे की लत में डुबा पड़ा हैं।
जिस तरह से आज हमारे देश में युवाओं का नशे की तरफ रूझान बढ़ रहा है, वह वाकई बहुत गंभीर चिंता का विषय है, वह युवा जिसे हम अपने देश की शक्ति मानते हैं, जिसे हम अपने देश का उज्ज्वल भविष्य मानते हैं, उसे आज नशे के कीड़े ने ऐसा जकड़ लिया है, जैसे शिकारी अपने शिकार को जकड़ता है। यह कीड़ा ऐसा होता है, जो व्यक्ति को उसकी मौत के बाद ही छोड़ता है।
कल मैंने एक ऐसा नजारा देखा जिसने मुझे अंदर तक झकझोर कर रख दिया। मैं रोज शाम को पटेल चेस्ट (दिल्ली) के लिए जाती हूँ। जब मैं वहां से गुजरती हूं तो रोज मुझे काफ़ी युवक-युवती धूम्रपान करते दिखाई देते हैं, लेकिन कल जब मैं वहाँ से गुज़र रही थी, मैंने जिसे धूम्रपान करते देखा, उसे देखकर मैं कुछ समय के लिए हैरान रह गई, क्योंकि वह महज 9-10 साल की उम्र का बच्चा था। उसके साथ दो बच्चे और थे उसी की उम्र के, उन बच्चों की वेशभूषा बता रही थी, वह किसी मलीन बस्ती (slum area) से थे। मैं पूरे रास्ते यही विचार करती रही कि आखिर इतनी कम उम्र के बच्चे को सिगरेट पीने की लत कहां से लगी? या तो उन्होंने किसी को धूम्रपान करते देखा है या फिर किसी ने उसे सिखाया, काफ़ी सवाल जेहन में उमड़ रहे हैं, और इन सवालों का कोई जवाब नहीं ?
आखिरकार वे तो बच्चे थे, जिन्हें गलत या सही का फर्क नहीं पता है और शायद वे बच्चे स्कूल भी नहीं जाते हैं, जिन्हें स्कूल में सिखाया जाए कि हमारी सेहत के लिए क्या अच्छा है, क्या बुरा? लेकिन उन युवक-युवती का क्या जो पढ़े-लिखे भी हैं, गलत और सही का समझ भी है, लेकिन पढ़े-लिखे होने के बावजूद भी आजकल के युवक-युवती कम उम्र में धूम्रपान करना शुरू कर देते हैं, आजकल की युवा पीढ़ी के लिए नशा करना फैशन बन गया है।
आखिर ऐसा क्या कारण है कि समाज में नशे का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। बदलती सामाजिक मान्यताएँ, कुछ नया करने की चाहत, तरह-तरह के तनाव आदि, लेकिन सबसे बड़ा कारण यह माना गया है कि ज्यादातर युवक मादक पदार्थो का सेवन शौक और फैशन के लिए शुरू करते हैं, तो कुछ दोस्तों की देखादेखी शुरू करते हैं। धीरे-धीरे उन्हें कब इसकी लत लग जाती है, पता भी नहीं चलता।
युवाओं मे नशे की शुरुआत आमतौर पर स्कूल के अंदर मीठी सुपारी और सादे मसाले से होती है, जो धीरे-धीरे तम्बाकू युक्त गुटखा और सिगरेट से होती हुई नशीली दवाओं तक पहुंच जाती है। वे इसके इतने आदी हो जाते हैं कि चाहकर भी इसे छोड़ नहीं पाते। ये मादक पदार्थ बहुत मंहगे भी आते हैं। कई बार इन्हें खरीदने के लिए पैसा नहीं होता, ऐसे में वे अपराध की तरफ मुड़ते हैं, किसी भी तरीक़े से नशे के लिए पैसा कमाना उनका उद्देश्य बन जाता है। नशा बढ़ते हुए अपराधों का एक बड़ा कारण है।
नशे के लिए उपयोग मे लाई जाने वाली दवाएं तीन तरह की होती है–
पहली अपर्स (Uppers) कहलाती हैं
दूसरी डाउनर्स (Downers)कहलाती हैं
तीसरी हेल्युसिनोजन्स (Hallucinogens)कहलाती हैं।
भारत के कई राज्य इसकी गिरफ्त में आ चुके हैं, पर सबसे ज्यादा प्रभावित पंजाब हुआ है। पंजाब के कई जिलों मे तो लगभग 60 फीसदी युवा इन मादक पदार्थों के आदी हो चुके हैं। साल 2016 के जनवरी में ऑल इण्डिया मेडिकल सांइस ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। सर्वे में कहा गया था कि पंजाब का नौजवान हर दिन हेरोइन और अफीम पर 200 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
अगर हम बात करें अपने देश की युवतियों के बारे में, तो जैसा कि कहा जाता है कि हमारे देश की लड़कियां हर क्षेत्र में लड़कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहीं हैं, बल्कि हर क्षेत्र में लड़कों से आगे हैं, इसमें शत-प्रतिशत सच्चाई है। लड़कियां केवल अच्छे कामों में ही लड़कों को मात नहीं दे रही हैं, बल्कि नशे के क्षेत्र में भी लड़कियां हमारे देश के युवकों को पीछे छोड़ रही हैं। एक सर्वे के मुताबिक सन् 2004 में लड़कियां लड़कों से ज्यादा सिगरेट, शराब और मारिजुआना का सेवन करती पायी गईं।
हमारे देश को सबसे नौजवान देश कहा जाता है, लेकिन ये नौजवान देश अंदर से खोखला होता जा रहा है। सरकार को इसके लिए सख़्त कानून बनाने चाहिए, कहीं ऐसा ना हो कि हमारा ये नौजवान देश मुकम्मल तौर पर खोखला हो जाए।अगर आप नशा नहीं करते तो यह बहुत अच्छी बात है, लेकिन अगर आप इस नशे के आदी हैं तो आपको नशे को अभी से त्याग देना चाहिए, वरना कहीं ऐसा न हो कि कुछ समय बाद यह नशा आपको ही नष्ट कर दे।
इसलिए हमें आज से ही इस नशे को छोड़ देना है और अपने एक खुशहाल जीवन एवं भविष्य के लिए एक कदम बढ़ाना है। नशे से एक इंसान नहीं, बल्कि पूरा का पूरा परिवार खत्म हो जाता हैं। नशा एक अभिशाप है।