राम मंदिर के लिए कभी योगदान नहीं देने वाले अब चंदा चोरी का आरोप लगा रहे : CM Yogi Adityanath 

राष्ट्रीय
Spread the love

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों को लेकर विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अयोध्या का मुद्दा उठाने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने कभी ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने वाले रामभक्तों पर लाठीचार्ज और गोली चलाने के आदेश दिए थे।

सोमवार को विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों ने राम मंदिर निर्माण में बाधा डालने के लिए अदालत में वकीलों की पूरी फौज खड़ी कर दी थी। उन्होंने कहा कि अब जो लोग मंदिर निर्माण के लिए अपनी जेब से एक पैसा भी नहीं देते थे, वही चंदे की चोरी की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया उनके इस दोहरे रवैये को देख रही है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान घोषणा की कि अगले सात से दस दिनों के भीतर सरकार ‘आउटसोर्स कमीशन’ लागू करेगी और न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि अनुपूरक बजट के माध्यम से आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, रसोइयों तथा ग्राम चौकीदारों को उचित मानदेय उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की सेवाओं का लाभ राज्य के कल्याणकारी कार्यों में प्रभावी ढंग से लिया जाएगा।

विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही लोग हैं, जिनके कार्यकाल में किसानों के हितों की गंभीर उपेक्षा हुई और किसानों को उनके खेतों के लिए पानी तक उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सरकारों में बिचौलियों का किसानों के अधिकारों पर प्रभाव बढ़ गया था और किसानों की सुरक्षा को खतरे में डालकर उन्हें कठिन परिस्थितियों में धकेला गया।

Yogi Adityanath ने कहा कि आज यही लोग किसानों के हितैषी होने का दिखावा कर उनके जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना प्रमुख हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधाओं से जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसान तीन से चार फसलें उगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बागवानी फसलों को पैक हाउस के माध्यम से विभिन्न देशों में निर्यात किया जा रहा है, जिससे किसानों के लिए बाजार और आय के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं।

किसानों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल में गन्ना किसानों को किए गए भुगतान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हो गई थीं और 21 चीनी मिलों को बेहद कम कीमत पर बेच दिया गया था। इसके विपरीत, उनकी सरकार के कार्यकाल में गन्ना किसानों को 3.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य की 122 चीनी मिलों में से 105 से अधिक मिलें किसानों के खातों में केवल चार से पांच दिनों के भीतर गन्ने का भुगतान सीधे स्थानांतरित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में गन्ने के मूल्य का बकाया एक दशक तक जमा रहा। उन्होंने कहा कि उस समय किसानों के हितों की रक्षा करने के बजाय उन्हें आत्महत्या और पलायन की ओर धकेला गया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले किसानों के ट्यूबवेल भी सुरक्षित नहीं थे, जबकि वर्तमान सरकार 16 लाख ट्यूबवेलों को मुफ्त बिजली उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में पोर्टल से संबंधित तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं, लेकिन विभाग को किसानों के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा का यह मानसून सत्र महत्वपूर्ण है और सदन के समय का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्षी सदस्य नकारात्मक राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के विकास और समृद्धि में योगदान देंगे तथा विधानसभा की कार्यवाही सुचारु और शांतिपूर्ण तरीके से चलाने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे राज्य और उसके 25 करोड़ नागरिकों के हितों की बेहतर सेवा हो सकेगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानमंडल आम जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। संसदीय व्यवस्था में विधानमंडल गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा, समीक्षा और समाधान का सबसे प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनप्रतिनिधि अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को सदन में उठा सकता है और सरकार के साथ मिलकर उनके समाधान की दिशा में काम कर सकता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के लिए इस मंच का बेहतर उपयोग हमेशा प्राथमिकता रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ‘डबल इंजन’ सरकार के पिछले नौ वर्षों में छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर मध्यम वर्ग में लाया गया और इस परिवर्तन में विधानमंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, क्योंकि नीतियां यहीं तैयार और उन पर चर्चा की जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन, कृषि, निवेश और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए विधानमंडल एक प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आधी आबादी वाली महिलाओं के जीवन में भी व्यापक बदलाव आया है। उनके अनुसार, वर्ष 2017 में महिला श्रमबल भागीदारी दर 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 37-38 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार राज्य के सभी प्रमुख शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावासों का निर्माण करा रही है। ‘मिशन शक्ति’ के तहत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने नौ लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का रिकॉर्ड बनाया है, जिनमें 20 प्रतिशत से अधिक महिलाएं शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में सुधार और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के कारण राज्य में निवेश के लिए बेहतर अवसर तैयार हुए हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं को उनके अपने जिलों और क्षेत्रों में रोजगार तथा नौकरी के अवसर मिले हैं।

उन्होंने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) और ‘पीएम विश्वकर्मा’ जैसी योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक व्यवसायों को बढ़ावा देकर बड़े स्तर पर बदलाव लाया गया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इन योजनाओं के माध्यम से करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं। उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में युवाओं की भूमिका की सराहना भी की।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *