Ranchi: एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट 135वें डूरंड कप की शुरुआत से पहले शनिवार को इसकी प्रतिष्ठित ट्रॉफियां रांची पहुंच गईं। ट्रॉफियों के आगमन के साथ ही झारखंड में इस ऐतिहासिक फुटबॉल प्रतियोगिता का उत्साह बढ़ गया है। 26 जुलाई से शुरू होने वाले टूर्नामेंट के तहत रांची के बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 16 अगस्त तक मुकाबले खेले जाएंगे।
ट्रॉफियों के स्वागत और प्रदर्शन के लिए दीपाटोली मिलिट्री स्टेशन स्थित केरकेट्टा ऑडिटोरियम में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर झारखंड के पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार और आईबीजी-23 के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सज्जन सिंह मान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान डूरंड कप से जुड़ी तीन प्रतिष्ठित ट्रॉफियों- डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य खेल विभाग के प्रतिनिधि, फुटबॉल प्रेमी और बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी शामिल हुए।
इस मौके पर खेल मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि डूरंड कप जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी मिलना झारखंड के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य की खेल संस्कृति को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय फुटबॉल खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस आयोजन से राज्य में फुटबॉल के प्रति युवाओं का उत्साह और बढ़ेगा।
वहीं, मेजर जनरल सज्जन सिंह मान ने कहा कि डूरंड कप भारतीय सेना की समृद्ध खेल परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने राज्य के फुटबॉल प्रेमियों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।
इस वर्ष डूरंड कप का 135वां संस्करण देश के छह शहरों में आयोजित किया जा रहा है। इनमें रांची भी प्रमुख मेजबान शहरों में शामिल है। रांची में सभी मुकाबले बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 26 जुलाई से 16 अगस्त तक खेले जाएंगे।
गौरतलब है कि डूरंड कप की शुरुआत वर्ष 1888 में हुई थी और इसे एशिया का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट माना जाता है। यह प्रतियोगिता भारतीय फुटबॉल के इतिहास में विशेष महत्व रखती है और हर वर्ष देश-विदेश की प्रमुख टीमें इसमें हिस्सा लेती हैं।