
COVID के हल्के संक्रमण की स्थिति में या फिर कई बार कोविड प्रमाणित हुए बिना भी लोग स्टीरायड (Steroids) लेना शुरू कर देते हैं। इससे न सिर्फ़ बीमारी के इलाज में परेशानी होती है, बल्कि सामान्य संक्रमण गंभीर लक्षण अख़्तियार करने लगता है। अत: स्टीरायड (Steroids) के अनियंत्रित उपयोग से बचना ओर बचाना बहुत ज़रूरी हो गया है ।
ये दवाएं लोग डेक्सामिथासोन (Dexamythasone), मिथाइल प्रेडनिसोलोन (Methyl Prednisolone), प्रेडनिसोलोन (Prednisolone) व हाइड्रोकॉर्टिसोन (Hydrocortisone) के रूप में लोग ले रहे हैं ।
इन्हें कोरोना संक्रमण के शुरूआत में लेने से मरीज़ की आन्तरिक प्रतिरोध क्षमता (immune) घट जाती है, फलत: सामान्य संक्रमण गंभीर हो जाता है।
दूसरी बात, इसके उपयोग से शुगर लेवल भी बढ़ जाता है, जो कोविड के इलाज को मुश्किल बना देता है। मधुमेह के रोगियों को फिर बड़ी आसानी से कोविड की जटिलताएँ घेर लेती हैं ।
हाल में पाया गया है कि कोविड के मरीज़ों में कुछ दिनों बाद म्यूकरमाइकोसिस नामक काला फूफूंद का संक्रमण घर कर लेता है । और इसकी जल्दी पहचान कर उपचार न किया जाए तो यह पहले आँख की रोशनी कम कर देता है और बाद में मस्तिष्क के अंदर भी क्षति कर देता है।
Steroids का मूल उपयोग साइटोकाइन स्टॉर्म रोकने के लिए किया जाना है। यह दक्ष चिकित्सक की सलाह पर ही लिया जाना चाहिए ।
(लेखक वरिष्ठ संक्रमण रोग विशेषज्ञ हैं। यह विश्लेषण सम्पादक की बातचीत पर आधारित है)