उत्तर प्रदेश में हर रोज कानून का धज्जियां उड़ाई जाती है, अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. उत्तर प्रदेश के बलिया में कोटा आवंटन को लेकर हो रही खुली बैठक के दौरान एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस दौरान सीओ तथा एसडीएम भी मौके पर मौजूद थे. मरने वाले व्यक्ति का नाम जयप्रकाश बताया जा रहा है.
भाजपा नेता धीरेंद्र सिंह पर हत्या का आरोप लगा है. गोली चलते ही मौके पर भगदड़ मच गई. इसके बाद लोग इधर-उधर भागने लगे. भगदड़ का फायदा उठाकर आरोपी धीरेंद्र सिंह भी मौके से फरार हो गया. पुलिस ने उसके खिलाफ बलिया के रेवती थाने में हत्या का केस दर्ज किया है.
इस घटना पर बलिया पुलिस ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में है. घटनास्थल पर पुलिस फोर्स मौजूद है. मृतक का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. वहीं, इस पर इस पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधा है.
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी कार्यकर्ताओं को गुंडागर्दी का लाइसेंस है. जब शासक अपराधी हो, कानून गुंडों की दासी हो तो संविधान को रौंदना राजधर्म बन जाता है.
बलिया के इस मामले का तत्काल ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए घटनास्थल पर मौजूद एसडीएम, सीओ सहित सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए वहां मौजूद अफसरों के भूमिका की जांच के भी निर्देश दिए हैं. तनाव को देखते हुए गांव में कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है. साथ ही अधिकारियों की भूमिका की जांच करने का आदेश दिया है.
बलिया जिले की ग्राम सभा दुर्जनपुर व हनुमानगंज की कोटे की दो दुकानों के आवंटन के लिए गुरुवार दोपहर को पंचायत भवन में खुली बैठक का आयोजन किया गया था. इसमें एसडीएम बैरिया सुरेश पाल, सीओ बैरिया चंद्रकेश सिंह और बीडीओ बैरिया गजेंद्र प्रताप सिंह के साथ ही रेवती थाने की पुलिस फोर्स मौजूद थी. दुकानों के लिए चार स्वयं सहायता समूहों ने आवेदन किया, जिसमे दो समूहों मां सायर जगदंबा स्वयं सहायता समूह और शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह के बीच मतदान कराने का निर्णय लिया गया. अधिकारियों ने कहा कि वोटिंग वही करेगा जिसके पास आधार अथवा अन्य कोई पहचान पत्र होगा. एक पक्ष के पास आधार व पहचान पत्र मौजूद था, लेकिन दूसरे पक्ष के पास कोई आईडी प्रूफ नहीं था. इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया. मामला बिगड़ता देख बैठक की कार्रवाई को स्थगित कर अधिकारी चले गए.
इस पर एक पक्ष के लोग प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करने लगे. देखते ही देखते गाली गलौज, मारपीट और ईंट पत्थर एक- दूसरे पर चलने लगे. विवाद के दौरान चले ईंट पत्थर में चार महिलाएं समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए. दबंगों ने पुलिस के सामने ही फायरिंग शुरू कर दी. इसमें जयप्रकाश पाल को चार गोलियां लगीं और वह जमीन पर गिरकर छटपटाने लगे. उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. इस घटना में नरेंद्र सिंह (45), आराधना सिंह (45), आशा सिंह (40), राजेंद्र सिंह ( 45), अजय सिंह ( 50) और धर्मेंद्र सिंह (40) गंभीर रूप से घायल हैं.